स्ट्रेचर पर पत्नी को लेकर पहुंचा डीएम के दरबार, लगाई न्याय की गुहार

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जौनपुर। प्राइवेट अस्पताल में पिछले दिनों पथरी का ऑपरेशन कराने गई मरीज की हालत ऑपरेशन के बाद बिगड़ गई। मरीज की बिगड़ती हालत को देखकर इलाज के लिए बीएचयू रेफर किया गया, जहां मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया। इस पर परिजन मरीज को लेकर डीएम कार्यालय पहुंच गए। डीएम से गुहार लगाई कि प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर पैसों की वसूली की है और इलाज के लिए अब पैसे नहीं बचे है।

मरीज की गंभीर हालत देखते हुए जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने उसे सीएमएस जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। जिला प्रशासन नर्सिंग होम के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की प्रक्रिया में जुट गई है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा मरीज के पेट की नस काट दी गई है। उसके इलाज के लिए हम लोगों ने जमीन तक बेच दिया है।

मामला लाइन थाना क्षेत्र के जिले के प्राइवेट नर्सिंग होम का है, जहां डॉक्टर द्वारा सिकरारा थाना क्षेत्र की रहने वाली रीता का एक महीने पहले डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया था। ऑपरेशन सफल न होने की दशा में डॉक्टर ने आनन-फानन में बीएचयू के लिए रेफर कर दिया था। बीएचयू के डॉक्टरों ने मरीज की हालत को गंभीर देखते हुए पीजीआई के लिए रेफर कर दिया। इस पर परिजन मरीज को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए।

डीएम के आदेश पर सीएमएस ने महिला को देखकर तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जिला प्रशासन कार्रवाई कर रही है।