काशी के इस गली की अब तक नहीं सुधरी हालत, प्रशासन बेखबर

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वाराणसी। काशी को क्योटो के तर्ज पर विकसित करने का पीएम मोदी का सपना आखिर मूर्त रूप कैसे लेगा, जब जिम्मेदार अधिकारी ही अपने कार्यों के प्रति उदासीन बने रहेंगे। बात यहां सरैयां मुस्लिमपुरा इलाके की हो रही है, जहां विगत कई माह से सीवर समस्या को लेकर क्षेत्र के लोग काफी परेशान हैं। 

सीवर का गंदा पानी सड़कों पर लबालब रातों दिन भरा रहता है, जिससे क्षेत्र में गंदगियों का अंबार लगा हुआ है। इसकी वजह से इस क्षेत्र में बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है। इन दिनों कई घर के लोग डायरिया, मलेरिया डेंगू की चपेट में आ चुके हैं इस समस्या का निदान करने के लिए क्षेत्र में कभी किसी प्रतिनिधि व नगर निगम के अधिकारियों का निरीक्षण नहीं होता है।  इससे आक्रोशित होकर हाजी वकास अंसारी और  इकबाल अंसारी के नेतृत्व में दर्जनों क्षेत्रीय लोगों ने जल निगम नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की साथ ही  मांग किया कि इस समस्या का  जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।

गौरतलब है कि प्रदेश की पूर्व सरकार में सरैयां मुस्लिमपुरा आदि क्षेत्रों में री सेटिंग शिवा पाइपलाइन का ठेका ठेकेदार को दिया गया था, जिसमें ठेकेदार द्वारा लापरवाही कर जैसे तैसे सीवर सड़क का निर्माण करा कर छोड़ दिया। क्षतिग्रस्त सीवर की पाइपलाइन को बदला नहीं गया और पत्थर चौके कारी सेटिंग का कार्य सही तरीके से नहीं करवाया। जिसका खामियाजा आज क्षेत्रीय लोगों को विगत 2 माह से झेलना पड़ रहा है।

इस संबंध में स्थानीय पार्षद व क्षेत्रीय नागरिकों ने आदमपुर जोन में नगर आयुक्त को पत्रक देकर मांग भी किया। कई महीने बीत जाने के बाद भी इस क्षेत्र की बदहाली अभी तक नहीं बदली गलियों व घरों में पानी जमा हुआ है। सीवर का पानी बुनकरों के हथकरघा व पावर लूम में भर गया है, जिसकी वजह से कुछ की रोजी रोटी भी बंद पड़ी है। क्षेत्र में ना तो सही तरीके से साफ सफाई की जा रही है न ही सीवर के गंदे पानी की निकासी का कोई इंतजाम किया जा रहा है।