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आतंकियों के निशाने पर मोदी और योगी का गढ़

वाराणसी। कई बार आतंकवाद का दंश झेल चुकी धर्म नगरी काशी एक बार फिर आतंकियों के निशाने पर है। आतंकी संगठन लश्कर—ए—तैयबा द्वारा काशी, अयोध्या व गोरखपुर में कुछ बड़ा कारनामा करने की तैयारी चल रही है, जिसकी जिम्मेदारी लश्कर—ए—तैयबा के मास्टर माइंड मोहम्मद उमर मदनी को दी गई है।

केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों के इनपुट की अगर मानें तो मदनी पिछले दिनों वाराणसी आया था और यहां वह कुछ लोगों से मुलाकात किया था। इस इनपुट के बाद से ही पुलिस प्रशासन से लगायत खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।

कौन है मदनी
नेपाल के जनकपुर जिले के धनसरा में रह रहे बिहार के मधुबनी जिले के बलकटवा निवासी आतंकी मोहम्मद उमर मदनी का वाराणसी से एक पुराना रिश्ता भी है। मदनी के पिता समशुल हक उर्फ छोटे मौलाना 1969 से 1978 तक वाराणसी के एक मदरसे में शिक्षक थे। खुफिया एजेंसियों के इनपुट के अनुसार पिता के साथ मदनी का भी काफी समय वाराणसी में बीता है,जिसके कारण यहां उसके कुछ खास लोग हैं, जिनसे मिलने वह वाराणसी आता रहता है।

सजा काटने के बाद फिर एक्टिव हुआ आतंकी मदनी
4 जून 2009 को दिल्ली पुलिस ने मदनी को कुतुब मीनार इलाके से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। कई वर्षों तक जेल में सजा काटने के बाद मदनी जब जेल से बाहर आया तो नेपाल के जनकपुर जिले के धनसरा में वह एक हॉस्टल संचालित करने लगा। इस दौरान मदनी का लश्कर-ए-तैयबा के साथ संपर्क बना रहा और उसका वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर आने—जाने का सिलसिला जारी रहा। हालांकि बिहार पुलिस ने मदनी को फरार घोषित कर रखा है और उसके धरपकड़ के लिए प्रयास जारी है। वहीं वाराणसी एसएसपी आनंद कुलकर्णी की अगर मानें, तो
पुलिस खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर हमेशा अतिरिक्त सतर्कता बरतती है।

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