लखनऊ। नवंबर 2005 में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद से बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय की करीब आधा दर्जन बदमाशों ने हत्या कर दी थी। बदमाशों ने विधायक के काफिले को घेरकर एके-47 से 400 राउंड से भी अधिक गोलियां बरसाई थीं। इस हमले में कृष्णानंद सहित सात लोगों की मौत हो गई थी। आधा दर्जन इन बदमाशों में शूटर हनुमान उर्फ राकेश पांडेय भी शामिल था, जिसे लखनऊ पुलिस और वाराणसी एसटीएफ ने आज अल सुबह एनकाउंटर में ढेर कर दिया।

बता दें कि राकेश पांडेय बीजेपी विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में आरोपी था। इस पर एक लाख का इनाम भी घोषित था। पुलिस एनकाउंटर के दौरान राकेश के साथ 5 लोग और थे जो भागने में सफल हो गए। पुलिस की गोली से घायल हनुमान पांडेय को लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद सरोजनीनगर थाने से चंद कदम दूरी कैप्टन मनोज पांडेय चौराहे पर पुलिस ने आरोपी को की गाड़ी को टक्कर मारी। उस गाड़ी में राकेश के अलावा चार लोग और बैठे थे जो मौका मिलते ही वहां से फरार को गए।

एनकाउंटर में मारे गए राकेश पांडेय का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। लखनऊ सहित गाजीपुर, मऊ, रायबरेली में 10 मुकदमे शामिल है। मऊ के कोपागंज का रहने वाला राकेश पांडेय ठेकेदार अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना सिंह हत्याकांड में भी मुख्तार अंसारी के साथ सह आरोपी था। शूटर हनुमान पांडेय बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी और माफिया मुन्ना बजरंगी का करीबी माना जाता है।

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