इन दो छात्रों ने बनाया ‘सेफ्टी हैप्पी दिवाली’, वाट्सएप और फेसबुक से होगा संचालित

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वाराणसी। प्रदूषण के मामले में वाराणसी पहले पायदान पर है। इसको देखते हुए यहां के दो छात्रों ने एक ऐसा अनोखा प्रयोग किया है, जिसको जानकर हर कोई आश्चर्य में है। दरअसल सारनाथ स्थित अशोक इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के दो छात्रों ने रिमोट से छूटने वाले रॉकेट और पटाखों के मॉडल बनाए हैं।

इन छात्रों का दावा है कि यह पटाखे प्रदूषण मुक्त हैं और इसको बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इन पटाखों को बच्चे दूर बैठकर रिमोट से ही फोड़ और जला सकते हैं। कंप्यूटर साइंस के छात्र रहे अरूण सैनी और मैकेनिकल साइंस के छात्र विशाल ने यह अनोखा प्रयोग किया है।

क्या कहते हैं छात्र
छात्रों का कहना है कि इस पटाखे को बनाने में कुछ इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों के पार्ट्स का इस्तेमाल किया गया है। छात्रों ने इस टेक्नोलॉजी को ‘सेफ्टी हैप्पी दीपावली’ का नाम दिया है। इसे बनाने में मात्र 250 रुपए का खर्च आया है। छात्रों का कहन है कि पटाखे बनाने में शक्कर, पोटैशियम नाइट्रेट, आरएफ रिमोट, स्विच, वायर, आयरन प्लेट का इस्तेमाल किया गया है। रिमोट के स्विच के जरिए बैटरी से करंट पास होकर लोहे की प्लेट को गर्म करता है। इको फ्रेंडली रॉकेट की पतली छोर को प्लेट पर रखा जाता है। गर्म होने पर यह अपने आप जल जाता है। फेसबुक और वाट्सएप के थ्रू इसका प्रयोग आसानी से कर सकते हैं। इनका कहना है कि दीपावली के अवसर पर इन्हें घरों में सजाया जा सकता है।