वाराणसी

आज की प्रशासनिक गतिविधियां: डीएम कौशल राज शर्मा ने एक के बाद एक 3 मैराथन बैठक में दिया जरूरी दिशा निर्देश, CDO ने खराब परफॉर्मेंस वाले विकास खंडों के पदाधिकारियों की लगाई क्लास

वाराणसी। डीएम कौशल राज शर्मा ने कैम्प कार्यालय पर जवाहर नवोदय विद्यालय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कक्षा 9 से 12 तक की क्लासेज स्कूल में संचालित कराये जाने का निर्देश दिया। वहीं नीति आयोग द्वारा चयनित सेवापुरी विकास खंड संतृप्तीकरण में छूटी हुई योजनाओं के लाभार्थियों को दो दिन में ढूढ़कर आच्छादित करने का प्लान तैयार किये जाने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने जिला स्वास्थय समिति की बैठक भी की। दूसरी तरफ मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मनरेगा अंतर्गत खराब प्रगति वाले विकास खण्डों की विकास भवन में समीक्षा बैठक की।

जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कैम्प कार्यालय पर जवाहर नवोदय विद्यालय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कक्षा IXth से XII तक की कक्षायें स्कूल में संचालित कराये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्कूल में सभी विषय के शिक्षकों की उपलब्धता के बारे में पूछा, छात्रों की संख्या, फीस की जानकारी ली। जिला विद्यालय निरीक्षक को प्रत्येक स्कूल से कक्षा 6 में प्रवेश हेतू 5-5 बच्चों का रजिस्ट्रेशन कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे जनपद एवं गैर जनपद के छात्र कक्षा 6 से 12 तक जवाहर नवोदय विद्यालय में शिक्षा से लाभान्वित हो सकें। स्कूल से सम्बंधित समस्याओं की जानकारी देते हुए जवाहर नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल के गेट के सामने हाई टेंशन तार के नीचे सुरक्षा हेतु प्रोटेक्टर लगाने तथा गेट के सामने से गुजरने वाले खुले नाले को कवर कराने की आवश्यकता है। जिस पर अध्यक्ष द्वारा समस्या दूर कराने का आश्वासन दिया गया। स्कूल में एक हाई मास्क लाइट लगाने की मांग पर प्रस्ताव बना कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया तथा एक 500 बच्चों की क्षमता का एमपी हाल के लिए भी आवश्यकता बताये जाने पर प्रस्ताव मांगा। स्कूल के सम्पर्क मार्ग की मरम्मत कराये जाने की कार्यवाही का निर्देश भी दिया गया।

जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा द्वारा कैम्प कार्यालय पर नीति आयोग द्वारा चयनित सेवापुरी विकास खण्ड संतृप्तीकरण में छूटी हुई योजनाओं के लाभार्थियों को दो दिन में ढ़ूंढ़ कर आच्छादित करने का प्लान तैयार किये जाने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत, आईसीडीएस, कृषि तथा वित्त विभाग की सम्बंधित योजनाओं के लाभार्थियों को संतृप्त किये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों द्वारा योजनाओं के संचालन से प्राप्त परिणामों/ उपलब्धियों के आंकलन को भी दर्ज किया जाय जिससे यह देखा जा सके कि उद्देश्य में कितनी सफलता प्राप्त की जा सकी और लोगों के व्यवहार में वास्तव में कितना परिवर्तन आया। सभी 21 गो-आश्रय स्थलों में छुट्टा पशुओं को डाला जाय तथा समस्त गांवों को कैटल फ्री बना देने का निर्देश दिया। मिर्जामुराद से अमिनी मार्ग पर पालिथीन,गोबर के ढ़ेर कूड़ा पड़े होने की जानकारी देते हुए उन्होंने सभी गांवों में सफाई अभियान चलाने का निर्देश डीपीआरओ को दिया। गोबर के ढ़ेर को गड्ढों में डाल कर रखें तथा जीवामृत/खाद के रूप में स्थानीय किसान खेतों में प्रयोग करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुल्गी, खण्ड विकास अधिकारी काशी विद्यापीठ मनीष मीणा सहित सभी सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

आज मुख्य विकास अधिकारी श्री मधुसूदन हुल्गी ने मनरेगा अंतर्गत खराब प्रगति वाले विकास खण्डों – चिरईगांव, हरहुआ, काशीविद्यापीठ व चोलापुर की विकास भवन में समीक्षा की। उन्होंने बीडीओ चिरईगांव को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने अपने ब्लॉक में प्रतिदिन 1000 श्रमिकों का दैनिक नियोजन कराकर फीडिंग की स्थिति नहीं सुधारी तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी। बीडीओ 4.60 लाख का मनरेगा का बकाया अवरुद्ध भुगतान श्रमिकों के खातों में अविलंब भिजवाएं। बीडीओ 09 अनारम्भ पंचायत भवनों का निर्माण कार्य अविलंब चालू करवाएं। हरहुआ ब्लॉक के बीडीओ को सचेत किया गया कि प्रतिदिन न्यूनतम 1250 मानव दिवसों की फीडिंग करवाएं व खराब प्रगति के लिए ज़िम्मेदार अधिकारियों/कार्मिकों के विरुद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करें। बीडीओ 08 अनारम्भ पंचायत भवनों का निर्माण कार्य अविलंब चालू करवाएं। काशीविद्यापीठ प्रतिदिन न्यूनतम 750 मानव दिवस की फीडिंग करवाएं। यहां 8 पंचायत भवनों का निर्माण कार्य भी अभी तक आरंभ नहीं करवाया गया है। बीडीओ चोलापुर से अपेक्षा की गई कि 2000 श्रमिकों का दैनिक नियोजन सुनिश्चित करें तथा 05 अनारम्भ पंचायत भवनों का निर्माण कार्य अविलंब चालू करवाएं। लापरवाह ग्राम रोजगार सेवकों की संविदा समाप्त करें।

जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा द्वारा कैम्प कार्यालय पर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की गई। बैठक के दौरान उन्होंने कोविड-19 से सम्बंधित स्वास्थय विभाग द्वारा की जा रही निरोधात्मक कार्रवाई की जानकारी लेते हुए उन्होंने अधिक से अधिक सैम्पलिंग कराये जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष से ऊपर का कोई भी पाज़िटिव मरीज घर पर नहीं रहना चाहिए चाहे वह सिम्टोमेटिक हो या एसिम्टोमेटिक हो। सेवापुरी विकास खण्ड में स्वास्थ्य विभाग की सभी विभागीय योजनाओं से शत प्रतिशत परिवारों को लाभान्वित करने पर जोर देते हुए 10 दिनों में योजनाबद्ध तरीके से कार्यवाही करने का निर्देश दिया। बैठक से अनुपस्थित रहने तथा विभागीय विवरण उपलब्ध न कराने पर जिला बाल विकास परियोजना अधिकारी तथा आयुर्वेद व यूनानी चिकित्सा विभाग के अधिकारी का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी द्वारा ” सेवा स्वास्थ्य अभियान” चलाने का निर्देश देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा कि सेवापुरी में लोगों के व्यवहार परिवर्तन के जो 15 बिन्दु निर्धारित किये गये है उसे प्रत्येक ग्रामवासी को याद होने के साथ-साथ व्यवहार में लाना है इसके लिए अभियान चलाया जाय, टीमें बनाकर उनकी ट्रेनिंग करा कर उन्हें गांव आवंटित कर दिये जायें। अभियान चलाने हेतु मेडिकल विभाग द्वारा आठ टीमें बनाई जायेंगी जिनको 10-10 गांव में कैम्प लगाकर लोगों की काउंसलिंग की जायेगी, स्वास्थ्य जांच की जाएगी, आवश्यक दवायें मुहैया करायी जायेगी, व्यवहार परिवर्तन की दीक्षा दी जायेगी जिससे लोग बीमार होने से खुद को बचा सकें और स्वस्थ्य रहें।  शत प्रतिशत परिवारों का हेल्थ कार्ड बनाने तथा हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर की जानकारी भी कैम्प में ग्राम वासियों को दिये जाने का निर्देश दिया। सरकारी भवनों पर व्यवहार परिवर्तन सम्बन्धी जानकारी के पैम्पलेट चस्पा करायें तथा स्कूलों में बच्चों को बांटे जायें। गावों में लाउडस्पीकर से लोगों को कैम्प लगने की पहले से जानकारी दें ताकि गांव के सभी लोग कैम्प में आकर लाभ उठायें। उन्होंने कहा कि 30 नवम्बर तक सेवापुरी विकास खण्ड के सभी 34 हजार परिवारों का आयुष्मान गोल्डेन कार्ड बन जाना चाहिए एक भी परिवार छूटा तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जायेगी। जिलाधिकारी द्वारा सेवापुरी की सभी पीएचसी व सीएचसी भवन ठीक करा कर रंगाई पुताई तथा साफ सफाई कराने का निर्देश सीएमओ को दिया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि शिक्षा से सम्बंधित व्यवहार परिवर्तन के निर्धारित बिन्दुओं को अपनाने के लिए बच्चों तथा उनके अभिभावकों को बतायें। मुख्य रूप से चिकित्सा, शिक्षा के अलावा पंचायत, कृषि, बाल विकास तथा वित्त से सम्बंधित व्यवहार परिवर्तन के निर्धारित किये गये बिन्दुओं को लोगों को बताने तथा नियमित व्यवहार में लाने पर जोर दिये जाने की हिदायत दी गई।

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