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गंगा की लहरों में समा गए हज़ारों घर, लोग हुए बेघर 

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश की नदियां  लगातार उफान पर हैं, जिससे पूर्वी उत्तर प्रदेश के हजारों गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीम लगातार राहत बचाव कार्य में जुटी हैं। गाजीपुर में गंगा नदी खतरे के  निशान से तकरीबन एक मीटर ऊपर बह रही है, जिससे करीब दो दर्जन से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।  गंगा  गाजीपुर में आने वाले दो  दिन और कहर बरपा सकती है।

वही गंगा और यमुना के सभी तटवर्ती ज़िलों को हाई अलर्टकर दिया गया है। चंबल नदी के बढ़े जलस्तर के कारण आगे आने वाले एक से दो  दिनों में गंगा, यमुना में जलस्तर बढ़ना तय है।चंबल नदी में बाढ़ को देखते हुए युमना में 3 दिन के भीतर 1600000 क्यूसेक जल छोड़ा जाएगा जिससे यमुना का  जलस्तर 86 से 87 मीटर के बीच हो जाएगा, जो खतरे का संकेत होगी। यदि ऐसा होता है तो 2013 का मंजर दोबारा गाजीपुर में देखने को मिलेगा।

इस मामले में एसडीएम जमानिया रमेश मौर्य ने बताया की जमानियां में 16 नाव राहत बचाव कार्य में लगाई गई हैं। अस्थाई बसेरा बनाकर रह रहे लोगों को निकाला जा चुका है। गंगा का पानी आबादी के किनारे आ चुका है। वहां से भी लोगों को निकालने का काम किया जा रहा है। राहत बचाव कार्य जारी है।

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