इस स्वतंत्रता सेनानी का ‘पंजाब नेशनल बैंक’ की स्थापना में है विशेष योगदान

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ब्यूरो रिपोर्ट। लाला लाजपत राय भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों में से एक थे। इनका जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था और मृत्यु 17 नवंबर 1928 को हुई थी। 1928 में इन्होंने साइमन कमीशन के विरुद्ध एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। भारत के उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने ट्वीट करके लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने लिखा है कि लाला लाजपत राय समाज सुधारक के साथ ही राष्ट्र के लिए पूरी तरह से निष्ठावान थे। लाला जी ने समाज कल्याण के लिए ही पंजाब नेशनल बैंक जैसी संस्था की स्थापना की थी ताकि देशवासियों जयादा से ज्यादा लाभ मिल सके। 

बता दें कि 12 अप्रैल 1895 को पंजाब के त्योहार बैसाखी से ठीक एक दिन पहले बैंक को कारोबार के लिए खोल दिया गया। पहली बैठक में ही बैंक के मूल तत्वों को स्पष्ट कर दिया गया था। लाला लाजपत राय को इस बात की काफी चिंता थी कि ब्रिटिश बैंकों और कंपनियों को चलाने के लिए भारतीय पैसे का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसको लेकर लाला जी ने आर्य समाज के राय बहादुर मूल राज के साथ इस बारे में बात की।लालजी ने समाज कल्याण के लिए ही पंजाब नेशनल बैंक जैसी संस्था की स्थापना की थी ताकि देशवासियों जयादा से ज्यादा लाभ मिल सके।

वहीं 14 शेयरधारकों और 7 निदेशकों ने बैंक के शेयरों का बहुत कम हिस्सा लिया। पंजाब नैशनल बैंक 19 मई 1894 को केवल 14 शेयरधारकों और 7 निदेशकों के साथ शुरू किया था। लाला लाजपत राय, दयाल सिंह मजीठिया, लाला हरकिशन लाल, लाला लालचंद, काली प्रोसन्ना, प्रभु दयाल और लाला ढोलना दास बैंक के शुरुआती दिनों में इसके मैनेजमेंट के साथ सक्रिय तौर पर जुड़े हुए थे। इस बैंक को लाहौर के अनारकली बाज़ार में पोस्ट ऑफिस के सामने प्रसिद्ध रामा ब्रदर्स स्टोर्स के पास एक किराये के घर में शुरू किया गया था।