BHU में जनवरी से शुरु होगी भूत विद्या की पढ़ाई

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वाराणसी। सुनने में भले ही ‘भूत विद्या कोर्स’ थोड़ा अटपटा लगे मगर यह काशी हिंदू विश्‍वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल होने जा रहा है। 21वीं शताब्दी में जहां तकनीक के समय में ज्ञान के साथ नई खोज और उपलब्धि के साथ भारत तरक्की कर रहा है तो वहीं दूसरी तरफ आयुर्वेद संकाय में भूत विद्या यानी साइंस ऑफ पैरा नॉर्मल कोर्स शुरू होने जा रहा है। ये 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स है जो जनवरी से शुरू होगा। 

गांव में आमतौर पर लोग साइको सिमेट्रीक ज्ञानी मानसिक बीमारी को भूत प्रेत का असर मान लेते हैं। अंधविश्वास को दूर करने के लिए आयुर्वेद की 8 शाखाओं में से एक भी चिकित्सा यानी भूत विद्या का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया जा रहा है। यहां से शिक्षा प्राप्त छात्र प्रैक्टिस कर आमजन में भूत प्रेत आदि के बारे में फैली भ्रांतियां को दूर करने के लिए प्राचीन चिकित्सा पद्धति को विज्ञान से जोड़ते हुए ऐसे मरीजों का इलाज कर सकेंगे।

बीएचयू के आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. यामिनी भूषण त्रिपाठी ने बताया कि साइंस ऑफ पैरानार्मल का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने वाला यह पहला संकाय हैं। संकाय में भू‍त विद्या की स्‍वतंत्र इकाई होगी। भूत विद्या पर शोध कर चुके प्रो. वीके द्विवेदी के नेतृत्‍व में इसका सिलेबस तैयार किया गया है। जनवरी से इसकी पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।नए कोर्स में भूत विद्या की अवधारणा और भूत विद्या उपचारात्‍मक पहलू नामक दो पेपर होंगे। भूत विद्या की अवधारणा में परिभाषा, अनेक अर्थ, ऐतिहासक महत्‍व, जनता में सामान्‍य समझ और आयुर्वेद में भूत विद्या की भूमिका के पाठ पढ़ाए जाएंगे। उपचारात्‍मक पहलू में चिकित्‍सा के प्रकार, ग्रह की प्रकृति, उपसर्ग की कायचिकित्‍सा पाठ होंगे।