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छठ पर होती है यहां घोड़े की पूजा, जाने क्यों

चन्दौली। छठ के महापर्व के बारे में सभी जानते हैं लेकिन इस पर्व पर घोड़े की भी पूजा की जाती है यह बात अधिकांश लोगों के जानकारी में नहीं है। जी हां हम बात कर रहे हैं चंदौली के अलीनगर के मानसरोवर तालाब स्थित सूर्य देव मंदिर की। इस मंदिर में छठ पूजा की शुरुआत घोड़े की पूजा करने के बाद की जाती है। वर्षों से चली आ रही इस परंपरा का निर्वाह वहां के लोग करते चले आ रहे हैं। 

बता दें कि अलीनगर के मानसरोवर तालाब स्थित सूर्य देव मंदिर पूजा कमेटी द्वारा डाला छठ के पर्व पर सूर्य देवता के सवारी के रूप में जाने जाने वाले घोड़े की पूजा कर नगर में भ्रमण कराया ।साथ ही व्रती महिलाओं ने घोड़ों को तिलक लगा कर उनकी आरती भी उतारी और उन्हें गुड व मिठाई खिलाया। इस परंपरा का निर्वाह कर रहे आयोजन समिति के लोगों का मानना है की छठ पूजा में भगवान सूर्य की आराधना की जाती है।

श्रद्धा और आस्था के पर्व छठ को जहां बड़े ही विधि विधान से सूर्य देवता की पूजा की जाती है। श्रद्धालुओं ने सूर्य देवता कि सवारी माने जाने वाले घोड़े की पूजा बड़ी धूम-धाम से की। मानसरोवर तालाब के किनारे स्थित सूर्य देव के मंदिर से छोड़े गए इन घोड़ों को नगर व रेलवे कालोनियों में भी घुमाया गया। जहां व्रती महिलाएं बड़े ही श्रद्धा के साथ इनकी आरती उतारकर तिलक लगाया उसके बाद गुड, चना,फल व मिठाई खिला कर अपने सफल पूजा की कामना की। मान्यता है कि सूर्य देव का प्रतीक यह घोड़ा जहां-जहां कदम रखेगा वहां की धरती धन्य हो जायेगी और इसके दर्शन से श्रद्धालुओं को शुभ फल मिलेगा ।

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