आगरा। यूपी के आगरा स्थित एसएन मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर योगिता गौतम अचानक लापता हो गई थी। जिसकी गुमशुदगी एमएम गेट थाने में दर्ज हुई थी। वहीं डॉ. योगिता गौतम के हत्या को लेकर सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हत्यारोपी डॉ. विवेक तिवारी ने बताया कि हमारे और योगिता के संबंध करीब 7 साल से थे। जालौन से डॉ. योगिता से मिलने करीब 6.30 बजे पहुंचा था। इस बीच लास्ट बार मीटिंग के दौरान डॉ. योगिता जब मेरी कार में बैठी तो शुरूआत में ही झगड़े शुरू हो गए। इस दौरान मैंने उनकी गला दबाकर हत्या कर दी। साथ ही मैंने अपनी कार से चाकू निकाला और उसकी सर पर वार किया। इसके बाद एक सुनसान इलाके में उनकी बॉडी को फेंक दिया। डॉक्टर योगिता गौतम का शव डौकी थाना क्षेत्र में मिला था। इसके बाद पुलिस ने इस मुकदमे को धारा 302 यानी हत्या और 310  में मुकदमा दर्ज किया था।

एसएसपी आगरा बबलू कुमार का कहना है कि आरोपी डॉ विवेक तिवारी और मृतका डॉक्टर योगिता गौतम मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेज में एक साथ पढ़े थे। डॉक्टर विवेक तिवारी और डॉ योगिता गौतम से एक साल सीनियर थे। संपर्क में आने के बाद वर्षों तक दोनों के संबंध रहे। इस दौरान दोनों शादी भी करना चाहते थे। मगर अभी कुछ दिनों पूर्व दोनों में अनबन हुई। इसी के चलते डॉक्टर विवेक तिवारी जालौन से आगरा आए और अपनी कार में बैठाकर डॉक्टर योगिता गौतम की हत्या कर दी। और शव को ठिकाने लगाने के बाद डॉक्टर विवेक तिवारी दोबारा जालौन चले गए।

हत्या के आरोपी डॉ विवेक तिवारी की गिरफ्तारी में सीसीटीवी फुटेज अहम माने गए हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहले मृतका के परिजनों ने शिनाख्त की और उसके बाद में दबिश देकर डॉक्टर विवेक तिवारी को हिरासत में ले लिया। हिरासत में आने वाले डॉक्टर विवेक तिवारी ने पूरे हत्याकांड का जुर्म इकबाल करते हुए खुलासा किया है।

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