ऐसी है ‘एसिड अटैक लक्ष्मी’ की कहानी, जो लोगों के लिए बनी मिसाल

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रिपोर्ट- माधुरी

ब्यूरो डेस्क। लक्ष्मी अग्रवाल एक ऐसा नाम है जिसको सुनते ही लोगों के जेहन में उनका एसिड से झुलसा हुआ चेहरा याद आता है। लक्ष्मी के ऊपर मात्र 15 साल की उम्र मे तीन लोगों ने एसिड फेक दिया था। क्योंकि लक्ष्मी ने उसका शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। आज एसिड अटैक लक्ष्मी को एक टीवी होस्ट के साथ एक भारतीय प्रचारक के रुप में भी जाना जाता है।

लक्ष्मी आज हजारों एसिड अटैक सर्वाइवर के लिए उनकी आवाज बनी है। वह खुद एक एसिड अटैक सर्वाइवर है और एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकारों के लिए बोलती है। लक्ष्मी ने एसिड की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए 27 हजार हस्ताक्षर वाली याचिका दायर की थी और भारतीय सर्वोच्च न्यायालय में एसिड हमलों के खिलाफ भी वकालत की थी। इसी के साथ ही राज्य सरकार ने एसिड की ब्रिकी को विनियमित करने का आदेश दिया गया था। इसके तहत एसिड हमलों के मुकद्दमों को आसान बना दिया गया।

लक्ष्मी स्टॉप सेल एसिड की संस्थापक है, जो एसिड हिंसा और एसिड की बिक्री के खिलाफ एक अभियान है। लक्ष्मी ने इस अभियान की शुरुआत की, जिसने राष्ट्रव्यापी व्यापक समर्थन हासिल किया। महिला और बाल विकास मंत्रालय, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय और उनके अभियान स्टॉप सेल एसिड के लिए यूनिसेफ से अंतर्राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण का पुरस्कार 2019 में मिला।

लक्ष्मी छन्न फाउंडेशन की पूर्व निदेशक भी हैं, जो भारत में एसिड हमलों से बचे लोगों की मदद के लिए समर्पित एक गैर सरकारी संगठन है। लक्ष्मी को यूएस फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा द्वारा 2014 में अंतर्राष्ट्रीय महिला सम्मान पुरस्कार मिला था। इसी के साथ ही उन्हें एनडीटीवी इंडियन ऑफ द ईयर के रुप में भी चुना गया था।

लक्ष्मी के ऊपर छपाक फिल्म बन रही है, जो जनवरी में परदे पर आने वाली है। इसी के साथ ही लक्ष्मी सिंगल मदर भी है। उनकी एक चार साल की बेटी है। लक्ष्मी कहती है कि मैं एक सिंगल मदर हूं और ये मुझे अच्छा लगता है कि मेरी एक बेटी है और अब मैं अपना सारा वक्त संस्था और पीहू को देना चाहती हूं।