देश के दो महान हस्तियों के बीच की बात जो बनी रही चर्चा का विषय

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ब्यूरो डेस्क। देश के दो महान हस्तियों की बात आज हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। चर्चा इस बात की नहीं कि दोनों ने एक दुसरे का हालचाल लिया बल्कि चर्चा इस बात की है कि दोनों के बातों में महानता का वो गुण भी दिखा जो शायद उस मकाम पर पहुंचने के बाद नहीं दिखता है। हम बात कर रहे हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की, जिन्होंने ने आज एक दुसरे से बात करते हुए समाज के अंतिम पायदान तक उस महानता का सन्देश दिया जिसमें एक दुसरे के लिए सम्मान, ख्याल, जिम्मेदारी और प्यार दिखा। 

दरअसल देश के प्रधानमंत्री ने रविवार को मन की बात की, जिसमे उन्होंने तमाम मुद्दों पर बात किया। लेकिन इन बातों में जब उन्होंने अचानक स्वर कोकिला लता मंगेशकर को फोन किया तो उनकी आवाज सुन रही जनता भी चौक गयी। दरअसल अवसर था लता मंगेशकर के जन्मदिन के शुभकामना देने का। पीएम मोदी ने उन्हें अपने अमेरिका दौरे के पूर्व ही उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दे दी।

इस शुभकामना में खास बात ये रही कि दोनों ही तरफ देश की महान हस्तियां थीं। एक देश का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो दूसरी तरफ स्वर कोकिला लता मंगेशकर। इसके बावजूद दोनों ने एक दुसरे को जो सम्म्मान दिया उससे जाहिर होता है कि इंसान महान सिर्फ पद से नहीं बल्कि अपने व्यवहार से भी बना जाता है।

पीएम मोदी ने जिस तरह से देश से बाहर जाते समय भी देश की सबसे महत्वपूर्ण महिला के जन्मदिन को याद रखा इससे उनके देश और देश के लोगों की जिम्मेदारी की गंभीरता दिखी। वहीं स्वर कोकिला ने देश को एक महत्पूर्ण सन्देश दिया कि उम्र में बड़ा होना ही बड़कपन नहीं बल्कि कार्यों से भी बड़ा होना जरुरी होता है।

दरसल पीएम मोदी ने जब स्वर कोकिला से आशीर्वाद मांगा तो उन्होंने कहा कि आप का आशीर्वाद जरुरी है, जिसके बाद पीएम मोदी ने कहा आप बड़ी हैं आपका आशीर्वाद मुझे चाहिए। तब लता मंगेशकर ने उन्हें बड़े ही नम्रता से कहा कि आप अपने कार्यों से बड़े हैं।

इसमें कोई दो राय नहीं कि पीएम मोदी के इस शुभकामना सन्देश ने उनके जिम्मेदारी को प्रदर्शित तो वहीं स्वर कोकिला के नम्रता ने देश को ये सन्देश दिया की व्यक्ति चाहे कोई भी हो उसका कार्य उसे बड़ा बनता है।