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पीएम के सपने को लग रहा पलीता, नहीं मिल रही शौचालय की सुविधा

वाराणसी। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने एक भाषण में कहा था कि देश में शिवालयों से अधिक शौचालयों की जरूरत है। उनके इस वकतव्य को लेकर काफी विवाद भी खड़ा हुआ,लेकिन इसके पीछे की उनकी मंशा यह थी कि देश के 60 प्रतिशत लोग जो गांवों में बसते हैं, उन्हें इस सुविधा का लाभ मिल सके। हालांकि वर्तमान समय में पीएम के संसदीय क्षेत्र में ही उनके इस सपने को पलीता लगाने का काम किया जा रहा है।

वाराणसी खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित हो चुका है। इतना ही नहीं 32 करोड़ रुपये खर्च करके नगर निगम क्षेत्र में साल 2015 से शौचालयों का निर्माण भी किया गया। बावजूद उसके अभी भी ऐसे कई ग्रामीण इलाके हैं, जहां घरों में शौचालय नहीं है। आज हम अपने मुहिम के अंतर्गत वाराणसी के ऐसे ही गांव के बारे में बताने जा रहे हैं।

रोहनियां विधानसभा के चुरामनपुर गांव में आज भी ऐसे कई घर हैं, जहां अब तक शौचालय का निर्माण नहीं हो पाया है।इस गांव में सरकार की तरफ से कई शौचालय बनवाये गए हैं, लेकिन कुछ घर ऐसे भी हैं जहां शौचालय नहीं हैं। जिन घरों में अब तक शौचालय की सुविधा नहीं हो सकी है, उन घरों के लोगों ने आपस में मिलकर कुछ पैसे जुटाकर एक शौचालय का निर्माण करवाया है जो अभी भी मात्र अस्थायी व्यवस्था के रूप में है।

इस शौचालय में सभी शौच करने के लिए जाते हैं। गांव की महिलाओं का कहना है कि हमने ग्राम प्रधान से कई बार शौचालय बनवाने के लिए सरकारी रुपयों की मांग की, लेकिन अभी तक प्रधान की तरफ से रुपये की कोई मदद नहीं मिल पाई है। इन ग्रामीणों की समस्या को लेकर जब प्रधान से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो कैमरे के सामने आने से बचते हुए प्रधान ने दूरभाष पर बताया कि सभी को इज्जत घर यानी शौचालय मिल गए हैं।

ग्राम प्रधान के इस दावे के बाद जब वास्तविक्ता की जांच पड़ताल के लिए नेशनल विजन की टीम गांवों में ​हकीकत जानने पहुंची तो ग्रामीणों ने उनके सामने सवालों के बौछार लगा दिए। कुछ ग्रामीणों का आरोप था कि उनको अभी तक इसकी सुविधा नहीं मिल सकी है। उनका आरोप था कि प्रधान की लापरवाही के कारण वह इस सुविधा से अब तक वंचित रह गये हैं।

ऐसे में सवाल उठना लाज़मी है कि क्या सिर्फ कागज तक ही शौचालय सीमित होकर रह गया है। ओडीएफ के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति की गयी है। प्रशासन को चाहिए की इस मामले पर जांच करके गड़बड़ी को ठीक करें और जिन घरों में अब तक शौचालय नहीं बन पाया है उन घरों में शौचालय का निर्माण कराये।

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