अपना प्रदेश

जौनपुर : इस मंदिर में दर्शन मात्र से ही पूरी होती है मनोकामनाएं

जौनपुर। जिले में शीतला चौकिया मंदिर करीब 350 साल पुराना है। इस मंदिर के दर्शन के लिए लोग दिल्ली, मुम्बई जैसे शहरों से खींचे चले आते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन से पहले माता शीतला का दर्शन जरूरी हैं।

पूर्वांचल के लोगों की आस्था का केंद्र मां शीतला चौकिया धाम में वैसे तो हर समय दर्शनार्थियों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन नवरात्री के अवसर पर यहां हजारों की संख्या में लोग अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। साथ ही सुबह से ही भक्तों का सैलाब मां के दर्शन के लिए कतार लगाए खड़े हो जाते हैं। माता की एक झलक पाने के लिए लालायित दिखते हैं। माता के दर्शन को आने वाले श्रृद्धालुओं का मानना है कि यहां दर्शन मात्र से ही सारी मनोकामना पूरी हो जाती है।

मन्दिर के पुजारी शिव कुमार ने बताया कि शीतला चौकियां धाम ये पूर्वाचल का ही नहीं बल्कि पूरे भारत का शक्ति पीठ है। ऐसा कहा जाता है कि मंदिर की मूर्ति तालाब से निकाली गई है। इस मंदिर की मान्यता है कि जो देवी की मूर्ति है वो मंदिर के पीछे स्थित तालाब से निकाली गई। पुजारी ने बताया कि यहां के माली देवचन्द्र के स्वप्न में आकर मां ने कहा कि हमें यहां से निकालो, लेकिन माली सुबह होते ही भूल गया। माता एक दिन रात में माली को लेकर तालाब के पास गई। माली ने जैसे ही पानी में गया तो उसके हाथ में दो मूर्ति आ गई। माली मूर्ति को लाकर मंदिर में रख दिया, जिसे आज यहां पर बड़ी माता और छोटी माता के रूप में जाना जाता है।

ऐसा कहा जाता है कि जब माता के मूर्ति की स्थापना की जा रही थी तो पूर्व, पश्चिम, उत्तर दिशा में मूर्ति रखने पर बार-बार गिर जा रही थी। तब जाकर दक्षिण दिशा में मूर्ति की स्थापना की गई। ऐसी मान्यता है कि माता से जो कोई भी मन्नत मांगता है उसकी मन्नत पूरी हो जाती है। साथ ही जो भी श्रृद्धालु मैहर या विंध्याचल दर्शन करने जाते है तो उससे पहले शीतला चौकिया धाम के दर्शन करते है।

Click to comment

You must be logged in to post a comment Login

Leave a Reply

Most Popular

To Top