धर्म / ज्योतिष

शनि जयंती आज, सूरज ढ़लने के बाद शनि के ये 10 नामों का जप दिलाएगा आपको कई लाभ

ब्यूरो रिपोर्ट। आज शनि जयंती है हालांकि लॉक डाउन के कारण मंदिर भी बंद है। ऐसे में शनि जयंती पर आप घर बैठे शनि देव की पूजा करें। आज हम आपको शनि देव के उन दस नामों को बताएंगे जिनके जप मात्र से आपके कुंडली के ग्रह दोष दूर हो जायेंगे और आपको लाभ ही लाभ मिलने लगेगा।

शनि के 10 नाम:
कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।

ऊपर दिए मन्त्र में शनि देव के दस नामों को बताया गया है इ ये नाम हैं कोणस्थ, पिंगल, बभ्रु, कृष्ण, रौद्रान्तक, यम, सौरि, शनैश्चर, मंद और पिप्पलाद। आप चाहे तो इन नामों का जाप सुबह कर सकते हैं या शाम को सूर्योस्त के बाद कर सकते हैं। घर के मंदिर में बैठकर  पूजा करें। पूजा में शनिदेव का ध्यान करें। धूप-दीप जलाएं। फूल-प्रसाद चढ़ाएं। इसके बाद शनि के 10 नाम वाले मंत्र का जाप 108 बार जप करें।

यदि आप ऊपर दिए गए मंत्र का उच्चारण ठीक से नहीं कर पा रहे हैं तो शनिदेव  के 10 नाम भी 108 बार बोल सकते हैं। एक बात का विशेष ध्यान रखना यहां जरूरी है और वो ये कि जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का उपयोग जरूर करें। शनिदेव को नीले फूल चढ़ाएं। और साथ ही शाम होने के बाद जरूरतमंद लोगों को काले तिल और तेल का दान करें।शनि जयंती पर हनुमानजी की पूजा भी जरूर करें। हनुमानजी की पूजा से भी शनि के दोष दूर हो सकते हैं।

आपको बता दें कि इस समय शनि मकर राशि में स्थित है और वो वक्री है। ये एक शुभ योग है। मकर राशि के शनि की वजह से धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती है। मिथुन और तुला राशि पर शनि का ढय्या है। इन लोगों को अपने काम पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। किसी का अहित न करें, अन्यथा शनि की वजह से हानि हो सकती है। क्योंकि शनि देव न्यायप्रिय देवता है और वो गलत करने वालों को कभी छोड़ते नहीं है इसलिए जितना हो सके किसी के साथ कोई गलत काम या धोखा आदि नहीं दें अन्यथा शनिदेव की क्रूर दृष्टि के शिकार होने से आपको कोई भी नहीं बचा पायेगा

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