वाराणसी। कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। शायद इन्हीं लापरवाही की वजह से बनारस में कोरोना अपना पैर फैलाते जा रहा है। संक्रमण की जद में बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी भी आ रहे हैं। बीते दिन दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में ड्यूटी कर रहा वार्ड बॉय संक्रमित पाया गया। लेकिन जहां पूरी टीम को ठहराया गया था, वहां न तो सैनिटाइजेशन का कार्य हुआ और ना ही उसे हॉटस्पॉट घोषित किया गया। बल्कि नई टीम को रुकने की व्यवस्था भी उसी जगह कर दी गई है।

सफेद कोट में अस्पतालों में घूम रहे हैं धरती के भगवान अब चिंतित हैं। कारण है जहां उनके रुकने की व्यवस्था की गई है उस जगह पुरानी टीम का एक वार्ड बॉय संक्रमित पाया गया है, जिसके बाद ड्यूटी कर रही नई टीम में दहशत का माहौल है। कोरोना के इलाज के लिए लेवल-2 का अस्पताल दीनदयाल उपाध्याय जिला चिकित्सालय में अब तक आठ टीमें कोरोना के मरीजों की देखभाल कर चुकी हैं, 9वी टीम को ड्यूटी पर लगा दिया गया है। कोरोना मरीजों की देखभाल के लिए इस टीम में मेडिकल और पैरामेडिकल के स्टाफ होते हैं। इन सभी टीम को रुकने के लिए व्यवस्था परेड कोठी स्तिथ एक गेस्ट हाउस में की गई है। अबतक वहां स्वास्थ्य कर्मियों की 8 टीम रुक चुकी है। अब बारी नौंवी टीम की है।

बीते दिन उस गेस्ट हाउस में रह रहे आठवीं टीम के एक वार्ड बॉय की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद ना तो वहां सैनिटाइजेशन का काम हुआ और ना ही उस एरिया को हॉटस्पॉट में बदला गया। बिना प्रोटोकॉल को फॉलो किये नई टीम को वहां रुकने की व्यवस्था कर दी गई है। जबकि नियमतः वाराणसी में अबतक जिस दफ्तर में कोरोना के मरीज पाए गए हैं, वहां सैनिटाइजेशन करने के बाद ही दफ्तर खोला गया है। लेकिन अधिकारियों के इस लापरवाही से नई टीम में शामिल करीब 35 स्वास्थ्य कर्मी डर के माहौल में हैं, क्योंकि वार्ड बॉय जब संक्रमित पाया गया उस समय वह उसी गेस्ट हाउस में रुका हुआ था। संबंधित अधिकारियों के ढुलमुल रवैया से इसका अंदाजा लगाया जा सकता है कि जो लोग कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं, अगर वही संक्रमित हो गए तो फिर बाकी के मरीजों का क्या होगा।

कोरोना अपडेट: डीएम साहब सफेद कोट रूपी भगवान को तो संक्रमित होने से बचाइए, ऐसे लापरवाही के लिए कौन है जिम्मेदार
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