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रिलायंस की इस साझेदारी से तेल बाजार पर नहीं छायेगा संकट, सऊदी ने दिया भरोसा

नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अम्बानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज दिन पर दिन सफलताओं की ओर अग्रसारित होते नजर आ रही है। रिलायंस इंडस्ट्रीज देश के लोगों का भरोसा जीतने के साथ ही विदेशी बाजार में भी अपना वर्चस्व कायम कर रही है, जिसको देखते हुए सऊदी अरब ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को आश्वासन दिया है कि वह पहले किए गए सभी करारों के अनुसार अक्टूबर में कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। क्योंकि दुनिया का सबसे बड़ा तेल निर्यातक अपने तेल उद्योग पर अब तक के सबसे बड़े हमले के बाद उम्मीद से कहीं अधिक तेजी से रिकवरी करने में सफल रहा है।

रिलायंस ने किंगडम से तेल की आपूर्ति पर प्रश्नावली संबंधित एक ईमेल के जवाब में कहा कि “अरामको 20 से अधिक वर्षों से रिलायंस को कच्चे तेल की आपूर्ति का एक प्रमुख और विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता है। कंपनी कच्चे तेल की मात्रा और कच्चे तेल, दोनों के विभिन्न ग्रेडों के मिश्रण के मामले में तेल की आपूर्ति जारी रखेगी।”

सऊदी अरब 14 सितंबर के ड्रोन और मिसाइल हमले से अभी भी उबर रहा है, जिसकी मुख्य तेल सुविधा देश के उत्पादन में लगभग 5.7 मिलियन बैरल प्रतिदिन पहुंचता है। इसकी सरकारी ऊर्जा कंपनी, सऊदी अरामको ने ग्राहकों को भेजे जाने वाले शिपमेंट को कम नहीं करने की शपथ ली और तेल को कंपनी के रणनीतिक भंडारों से सप्लाई किया जा रहा है।

रिलायंस ने कहा कि “यह आश्वस्त है कि अरामको ने क्रूड सप्लाई को बनाए रखा और क्रूड सप्लाई इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले के बावजूद अपनी सप्लाई कमिटमेंट्स को पूरा किया है।”
इस घटना के तुरंत बाद अरामको ने कच्चे तेल के वैकल्पिक ग्रेड के साथ गुजरात के जामनगर में रिलायंस की जुड़वां रिफाइनरियों को आपूर्ति बनाए रखी।

विवरण देते हुए उन्होंने बताया कि “वैकल्पिक ग्रेड रिलायंस की रिफाइनिंग जरूरतों के अनुकूल है।इस घटना के बाद विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आपूर्ति की मात्रा और शेड्यूल को बनाए रखा गया। अरामको ने आश्वस्त किया है कि अक्टूबर के लिए आपूर्ति हमारी आवश्यकता के अनुसार मात्रा और ग्रेड के मिश्रण दोनों के लिए बनाए रखी जाएगी।”

कंपनी के चेयरमैन मुकेश ने पिछले महीने कहा था कि रिलायंस अपने ऑयल-टू-केमिकल कारोबार का पांचवां हिस्सा अरामको को बेचने के लिए प्रारंभिक बातचीत कर रहा है, जिसमें उसके जामनगर रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल प्लांट शामिल हैं। इनका मूल्यांकन 75 बिलियन अमरीकी डॉलर किया गया है।

सौदे के हिस्से के रूप में सऊदी कच्चे तेल की प्रति दिन पांच लाख बैरल या रिलायंस को सालाना 25 मिलियन टन की आपूर्ति करेगा। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि वह वर्तमान में सऊदी से कितना कच्चा तेल खरीदती है।

इराक के बाद सऊदी भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता है। यह भारत के तेल आयात का लगभग पांचवां हिस्सा है। दुनिया की सबसे अधिक मुनाफे वाली कंपनी सऊदी अरामको 270बिलियन बैरल से अधिक दुनिया के दूसरे सबसे बड़े प्रमाणित कच्चे भंडार को नियंत्रित करती है। रिलायंस के लिए यह साझेदारी भविष्य में किसी भी तेल बाजार को झटके से बचाने के साथ-साथ उसके कर्ज को कम करने में मदद करेगी।

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