RELIANCE वालंटियर्स दे रहें प्लास्टिक की बोतलों को एक नया रूप

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मुंबई। अपनी तरह के एक नए कलेक्शन अभियान के तहत रिलायंस फाउंडेशन, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) की जनसेवा ईकाई ने घोषणा की कि अपने रीसाइक्लिंग लाइफ़ अभियान के माध्यम से उसके वालंटियर्स ने रीसाइक्लिंग के लिए 78 टन से अधिक बेकार प्लास्टिक की बोतल एकत्र की है। यह नया रिकॉर्ड बनाने वाला कलेक्शन रिलायंस इंडस्ट्रीज और इसके अन्य बिजनेस यूनिट्स जैसे जियो और रिलायंस रिटेल के तीन लाख कर्मचारियों, उनके परिवार के सदस्यों और भागीदारों के सहयोग से संभव हो पाया है।

कंपनी ने अपने व्यापक अभियान रीसाइक्लिंग लाइफ़ को अक्टूबर में शुरू किया गया था, जिसमें कर्मचारियों को अपने आसपास से बेकार प्लास्टिक की बोतलों को इकट्ठा कर रीसाइक्लिंग करने के लिए उन्हें अपने कार्यालयों में लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। आरआईएल और भारत भर के संबद्ध व्यवसायों ने इस अभियान का संदेश फैलाने में भाग लिया, ताकि स्वच्छ और हरियाली वाली धरती के लिए रीसाइक्लिंग बढ़ाई जा सके।

पर्यावरण की देखभाल है महत्वपूर्ण
रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता एम अंबानी ने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन में हम मानते हैं कि हमारे पर्यावरण की देखभाल का अत्यधिक महत्व है। रिलायंस फाउंडेशन का ये अभियान स्वचछता ही सेवा के संदेश का प्रचार, प्रसार और अमल में लाने और रीसाइक्लिंग के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए रीसाइक्लिंग लाइफ़ अभियान को शुरू किया है, ताकि इस पर अभ्यास और प्रसार किया जा सके। भारत के हर कोने में कार्यरत रिलायंस इंडस्ट्रीज के हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों ने स्वेच्छा से काम किया है।

800 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर चलाया गया स्वच्छता अभियान
उनका कहना है कि प्लास्टिक कचरे को एकत्र करने और रीसाइक्लिंग करने के लिए हमारे अभियान को बड़ी संख्या में हर वर्ग से भी समर्थन मिला। हम हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर, उज्जवल, स्वच्छ और हरियाली वाली दुनिया बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रिलायंस फाउंडेशन नियमित रूप से स्थानीय समुदाय में सफाई गतिविधियों का समर्थन करता है। पिछले वर्ष से लेकर अब तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के कर्मचारी मीठी नदी और मुंबई के वर्सोवा बीच की सफाई अभियान में भाग लेते रहे हैं। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर 800 से अधिक रेलवे स्टेशनों में एक प्रमुख स्वच्छता अभियान करने के लिए देश भर से जियो टीमों ने एक साथ काम किया।

गांवों में स्वच्छता की जगा रहा अलख
रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल के डॉक्टर और नर्स स्वच्छता गतिविधियों के साथ ही अपने आसपास के पड़ोस में सामुदायिक जागरूकता गतिविधियां में शामिल हो रहे हैं। ग्रामीण समुदाय के साथ जुड़ाव, रिलायंस फाउंडेशन भारत के विभिन्न क्षेत्रों में कई गांवों में सफाई और रीसाइक्लिंग गतिविधियों का समर्थन भी कर रहा है। रीसाइक्लिंग लाइफ़ अभियान के एक भाग के रूप में एकत्र की गई बेकार प्लास्टिक की बोतलों को रीसाइक्लिंग कर किया जाएगा, ताकि पर्यावरण के अनुकूल विनिर्माण प्रक्रियाओं के माध्यम से फाइबर में से नए मूल्य जोड़े जा सके। इनकी रीसाइक्लिंग आरआईएल की रीसाइक्लिंग यूनिट्स में की जा रही है।

फैशनेबुल परिधान बनाए जा रहे हैं
नीता एम अंबानी ने कहा है कि बीते दो दशकों से अधिक समय से आरआईएल रीसाइक्लिंग कर रहा है, जिसमें उपभोक्ता (प्रयुक्त) पीईटी बोतलों को एकत्र कर शामिल किया जाता है। यह स्थिरता और परिपत्रता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें दुनिया की एकमात्र कंपनी रिलायंस है जिसने इसे बनाने के लिए पीईटी राल के निर्माण का एक पूरा योजना बनाया है। इसके तहत बेकार बोतलों, खारिज पीईटी बोतलों का संग्रह, उन्हें रिक्रॉन ग्रीन गोल्ड, पर्यावरण के अनुकूल में परिवर्तित करना पॉलिएस्टर फाइबर का उपयोग डाउनस्ट्रीम कपड़ा मूल्य श्रृंखला के लिए किया जाता है, जो फाइबर को हाई वैल्यू स्लीप में परिवर्तित करता है। इन बेकार बोतलों से विभिन्न उत्पादों और आर एलन कपड़े 2.0 आधारित फैशन परिधान बनाए जा रहे हैं।

सबसे कम कार्बन फुटप्रिंट्स
आरआईएल भारत में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाली पीईटी बोतल रिसाइकिलर्स में से एक है और इसने आर एलन ग्रीन गोल्ड विकसित किया है, जो कि फैब्रिक तकनीक है जिसमें वैश्विक स्तर पर सबसे कम कार्बन फुटप्रिंट्स हैं। अनुसंधान और विकास, और फ़ाइबर री-इंजीनियरिंग में अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए, आरआईएल ने आर एलन बनाया है, जो कि स्पेशल गारमेंट्स का एक पोर्टफोलियो है। आर एलन सभी परिधान क्षेत्रों में प्रदर्शन विशेषताओं को बढ़ाता है, जैसे एक्टिव गारमेंट्स, डेनिम, फॉर्मेल गारमेंट्स, कैजुअल्स और पारपंरिक गारमेंट्स शामिल हैं। इन कपड़ों को भारत भर में विभिन्न वस्त्र केंद्रों में फैले हब एक्सीलेंस प्रोग्राम (HEP) भागीदारों की सक्रिय भागीदारी के साथ बनाया गया है।