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रिलायंस ने नये ज्वाइंट वेंचर का किया आगाज, मिलेगा 60000 लोगों को रोजगार

नयी दिल्ली। रिलायंस ग्रुप एक के बाद एक निवेश कर रहा है , वहीं अब बीपी और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आज नए भारतीय ईंधन और मोबिलिटी ज्वाइंट वेंचर, Reliance BP मोबिलिटी लिमिटेड (RBML) की शुरुआत की घोषणा की है । 2019 में प्रारंभिक समझौतों के बाद, कोरोना के कहर के बीच बीपी और रिलायंस ने लेन-देन का काम योजनाबद्ध तरीके से पूरा किया। संयुक्त उद्यम में 49% हिस्सेदारी के लिए बीपी ने रिलायंस को 1 बिलियन डॉलर का भुगतान किया है, रिलायंस के पास ज्वाइंट वेंचर की 51% हिस्सेदारी रहेगी। इस ज्वाइंट वेंचर के ब्रांड का नाम जियो-बीपी होगा।

आपको बता दें कि रिलायंस के पास अभी देश भर में 1400 के करीब पेट्रोल पंप हैं। ज्वाइंट वेंचर के तहत इनकी संख्या बढ़ाकर अगले पांच वर्षों में 5500 की जानी है। इन विस्तार से करीब 60 हजार नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। रिलायंस के रिटेल ईंधन रिटेलिंग नेटवर्क में अभी करीब 20 हजार लोग काम करते हैं जिनकी संख्या अगले पांच वर्षों में 80 हजार हो जाएगी। रिलायंस के सभी पेट्रोल पंपों को भी जियो-बीपी के नाम से रीब्रांड किया जाएगा। संयुक्त उद्यम का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अपने हवाई ईंधन कारोबार को 30 हवाई अड्डों से बढ़ाकर 45 हवाई अड्डों तक पहुंचाना है।

वहीं अगले 20 वर्षों में भारत,  दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले ईंधन बाजारों में से एक होगा, देश में यात्री कारों की संख्या में लगभग छह गुना वृद्धि होने का अनुमान है। ऐसे में बीपी और रिलायंस को उम्मीद है कि वे भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर सकेंगे। कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि जियो-बीपी ब्रांड का उद्देश्य देश के ईंधन बाजारों में एक प्रमुख कंपनी बनना है। जियो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के लाखों उपभोक्ताओं  और 21 राज्यों में रिलायंस की उपस्थिति का लाभ इस ज्वाइंट वेंचर को मिलेगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए कहा: “देश भर में खुदरा और विमानन ईंधन के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति स्थापित करने के लिए, रिलायंस बीपी के साथ अपनी मजबूत और मूल्यवान साझेदारी का विस्तार कर रहा है। RBML मोबलिटी और कम कार्बन उत्सर्जन वाले समाधान प्रदान करने में लीडर बनना चाहता है। जो भारतीय उपभोक्ताओं को क्लीन और किफायती विकल्प उपलब्ध कराएगा। डिजिटल और प्रौद्योगिकी हमारे मुख्य हथियार बने रहेंगे।“

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