वाराणसी। अयोध्या पर बयान देने के बाद से ही नेपाल के प्रधानमंत्री घिरते जा रहे हैं। ओली के दिए बयान का विरोध एकतरफ नेपाल में हुआ तो वहीं भारत मे भी संत समाज , राजनैतिक संगठन और गैर राजनीतिक संगठन के साथ साथ आम लोग भी ओली से नाराज हैं। इसी कड़ी में ओली के बयान पर विश्व हिंदू सेना ने कड़ी आपत्ति जताते हुए चेतावनी भरा पोस्टर बनारस के सभी घाटों , मंदिरों व उन इलाकों में लगाया है जहां पर नेपाली रहते हैं। पोस्टर में चेतावनी देते हुए लिखा है कि ओली अपने गलत बयान पर भारतवासियों से माफी मांगे और अपना बयान वापस लें नहीं तो इसका परिणाम भारत मे रहने वाले सभी नेपालियों के लिए भारी पड़ेगा।

बता दें कि काशी में पशुपतिनाथ की तर्ज पर विशाल और ऐतिहासिक मंदिर है। काशी में हजारों की संख्या में नेपाली कई पीढ़ियों से यहां रहते आ रहे हैं। यही नहीं आज भी नेपाल से लोग यहां सीधे व्यापार करने आते हैं तो वहीं धार्मिक आस्था भी जुड़ी हुई है। काशी में नेपालियों का एक अलग मुहल्ला है जहां भारी संख्या में नेपाली निवास करते हैं। विश्व हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण पाठक का कहना है कि ओली का बयान बचकाना और निंदनीय है।

चीन के इशारों पर नाचने वाली कठपुतली बन गए हैं और भारत विरोधी घृणित कार्य कर रहे हैं। नेपाल को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं।ऐसे में नेपाल के पीएम ओली का बयान निंदनीय है। विहिसे निंदा करने के साथ साथ उनको चेतावनी देता है कि अगर वो अपना बयान तत्काल वापस नही लेते हैं तो यहां रह रहे नेपालियों को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा इसके जिम्मेदार खुद ओली होंगे।

ओली के खिलाफ विरोध तेज,विश्व हिन्दू सेना ने खोला मोर्चा
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