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इस अस्पताल में मरीज कैसे कराएं इलाज, जब लाइट जाने के बाद होता है मोबाइल के रोशनी में काम

 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर प्रदेश सरकार बहुत से काम कर रही है। दावा यह भी है कि स्वास्थ्य सुविधाएं इतनी बेहतर हो चुकी है, जिससे किसी को परेशानी नहीं होगी, लेकिन जब इन स्वास्थ्य सुविधाओं की हकीकत आपको पता चलेगी तो निश्चित तौर पर आप निशब्द हो जाएंगे। ऐसी ही एक सच्चाई पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मंडलीय अस्पताल की सामने आई है, जहां अस्पताल के अंदर लाइट जाने के बाद काफी देर तक मोबाइल की रोशनी में यहां के काम को अंजाम दिया जाता है।

मंडलीय अस्पताल के एक्स-रे वार्ड जहां अल्ट्रासाउंड से लेकर अन्य सुविधाएं लोगों को दी जाती है। यह पूरा डिपार्टमेंट बिजली न होने पर ठप्प पड़ जाता है, जिसके लिए अस्पताल प्रबंधन बैकअप के लिए यूपीएस और जनरेटर की व्यवस्था करने की बात कही है, लेकिन सच्चाई यह है कि लाइट जाने के बाद जनरेटर कब चलेगा कब नहीं है किसी को नहीं पता है।

बैकअप के लिए लगा यूपीएस तो सिर्फ चिल्लाता है काम का ही नहीं है हालात ये हैं कि बिजली जाने के बाद लगभग 15 मिनट से ज्यादा वक्त तक अंधेरे में रहने वाला यह पूरा डिपार्टमेंट लोगों की मुसीबत बढ़ाने का काम करता है, जिसकी वजह से यहां के स्टाफ को मोबाइल कैमरे की टॉर्च जला कर सारे काम को अंजाम देना पड़ता है। हालांकि जब इस बारे में अस्पताल के सीएमएस से बात की गई तो उन्होंने मोबाइल कैमरे के फ्लैश में काम किए जाने की बात से इंकार कर दिया उनका कहना था कि कभी-कभी जनरेटर चलने में देरी हो जाती है, लेकिन रोज ऐसा नहीं होता है।

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