नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो के माध्यम से देशवासियों को संबोधित किया। पीएम 67वीं बार मन की बात कार्यक्रम में अपना संबोधन दे रहे थे। इस दौरान उन्होंने कारगिल विजय दिवस पर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करगिल विजय दिवस पर देश के सैनिकों की बहादुरी को याद किया है। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में कहा कि हालांकि उस वक्त भारत पाकिस्तान से मित्रता चाहता था, लेकिन पाकिस्तान ने बड़े-बड़े मंसूबे पालकर करगिल युद्ध का दुस्साहस किया था। पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध में भारत के सच्चे पराक्रम की जीत हुई।

पीएम ने कहा कि आज के ही दिन करगिल के युद्ध में हमारी सेना ने भारत की जीत का झंडा फहराया था। करगिल का युद्ध जिन परिस्थितियों में हुआ वो भारत कभी नहीं भूल सकता है। पीएम ने कहा कि करगिल युद्ध के समय अटल जी ने लालकिले जो कहा था वो आज भी प्रासंगिक है। अटल जी ने देश को गांधीजी के मंत्र की याद दिलाई थी। अटल जी ने कहा था कि कोई भी महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले हम यह सोचें कि क्या हमारा यह कदम उस सैनिक के सम्मान के अनुरूप है, जिसनें दुर्गम पहाड़ियों पर शहादत दी थी।

पीएम ने कोरोना को लेकर भी लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोगों ने डटकर कोरोना का सामना किया है वह काबिले तारीफ है। लेकिन लोगों को यह याद रखना होगा कि खतरा अभी टला नहीं है। हमें मिलकर इसे हराना होगा। उन्होंने देश के लोगों से यह अपील किया कि लोग मास्क का उपयोग करें। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बिहार के कुछ युवाओं ने मोती की खेती करना शुरू किया है। इसके साथ ही वह आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक कर रहे हैं। इससे यह साबित होता है कि देश आत्मनिर्भर होने की तरफ कदम बढ़ा चुका है।

पीएम ने कहा कि की सरपंच बलबीर कौर ने 30 बेड का एक क्वारंटाइन सेंटर बनवाया। बलबीर ने खुद पूरी पंचायत में सैनिटाइजेशन का काम किया। जेतूना बेगम ने अपनी पंचायत में कोरोना से जंग के साथ रोजगार के अवसर पैदा किए। फ्री मास्क, फ्री राशन बांटा। फसलों के बीज दिए ताकि खेती में दिक्कत न आए। अनंतगान में मोहम्मद इकबाल ने सैनिटाइजेशन के लिए खुद ही स्प्रेयर मशीन बना ली। यह मशीन बाहर से 6 लाख की थी जो उन्होंने सिर्फ 50 हजार में।

‘मन की बात’ कार्यक्रम में पीएम का संबोधन, कारगिल योद्धाओं को किया याद
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