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KOLKATA: पूरे विश्व में कौतूहल का विषय बना गुलाबी गेंद, इतिहास रचने उतरेगी टीम इंडिया

ब्यूरो रिपोर्ट। इन दिनों कोलकाता शहर पर चारों ओर गुलाबी रंग चढ़ चुका है। भारत में पहली बार गुलाबी गेंद से खेले जाने वाले टेस्ट मैच को लेकर गजब का उत्साह है। इस उत्साह को टीम इंडिया इतिहास में बदलने की पूरी कोशिश करेगी। ईडन गार्डन में शुक्रवार से दोनों देश सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच को रोमांचक बनाने की कोशिश करेंगे।आपको बता दें कि अभी तक दुनिया भर में दिन रात के 11 टेस्ट खेले जा चुके हैं। डे-नाइट होने वाले इस मैच में गुलाबी गेंद के इस्तेमाल होने से ही इस टेस्ट को पूरे विश्व में कौतूहल वाले नजरिए से देखा जा रहा है।  

गौरतलब है कि चार साल पहले आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच पहला डे-नाइट का टेस्ट खेला गया था। इस टेस्ट में फिलहाल भारत बेहतर स्थिति में है। इंदौर के पहले टेस्ट में भारत ने तीसरे दिन ही एक पारी और 130 रन से जीत हासिल की थी। ऐसे में भारत तो बेहतर स्थिति में है, लेकिन बांग्लादेश को संघर्ष कर कुछ हासिल करने की जरूरत है।

बता दें कि बीसीसीआई के अध्यक्ष सौरव गांगुली के प्रयासों से कोलकाता में डे-नाइट टेस्ट संभव हो सका है। डे नाइट होने और इसमें गुलाबी गेंद के इस्तेमाल होने से ही इस टेस्ट को पूरे विश्व में कौतूहल वाले नजरिए से देखा जा रहा है। यह इसलिए भी रोचक है क्योंकि भारत ने एक साल पहले ही आस्ट्रेलिया से मिले डे नाइट टेस्ट के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। लेकिन अब जबकि कोलकाता टेस्ट डे नाइट हो रहा, एक बार फिर भारत की ओर से इस पर राय सामने आयी है। कप्तान विराट कोहली ने कहा है आस्ट्रेलिया में भारत डे नाइट टेस्ट खेल सकता है, लेकिन इससे पहले अभ्यास मैच भी गुलाबी गेंद से होना चाहिए।

ईडन गार्डन पर बृहस्पतिवार को दर्शकों ने दोनों टीमों के अभ्यास को देखा। भारतीय टीम ने पहले अभ्यास किया और फिर बांग्लादेश ने अभ्यास किया। भारत के लिए बल्लेबाजों द्वारा ज्यादा रन बनाने का मामला अहम है। मयंक अग्रवाल लगातार कामयाब ही रहे हैं। उनसे यहां भी इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है, लेकिन गुलाबी गेंद होने से सब कुछ पहले जैसा होगा, यह मानने को सभी तैयार नहीं है।

गुलाबी गेंद को डे नाइट मैच में शामिल करने की बड़ी वजह ये है कि खिलाड़ियों की ड्रेस सफेद रंग की होती है और रात में बॉल ड्रेस के साथ मिक्स हो जाती है, जिसके वजह से बैट्समैन को बॉल हिट करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस वजह से बॉल का कलर गुलाबी किया गया है।  पहले नारंगी और आसमानी रंग के बॉल की बात उठी थी मगर आखिर में गुलाबी रंग में ही बॉल को रंग दिया गया। अब देखना ये दिलचस्प होगा कि गुलाबी रंग से टीम इंडिया जीत के साथ इतिहास रचने में कितनी सफल हो पाती है।

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