अपना प्रदेशधर्म / ज्योतिषवाराणसी

VARANASI: धनतेरस पर खुलता है मां का पट, सिक्के से बदलती है भक्तों की तकदीर 

वाराणसी। देवाधिदेव महादेव के त्रिशूल पर बसी धर्म नगरी काशी में धनतेरस के दिन का ख़ास महत्त्व है। पूरे साल में धनतेरस के ही दिन माता के अन्नपूर्णा के स्वर्ण मंदिर के दर्शन के लिए पट खोले जाते हैं और भक्तो में खजाने के वितरण के साथ ही प्रसाद वितरित किया जाता है। इसके लिए देश के कोने कोने से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग यहां आते हैं और माँ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ख़ास बात यह कि प्रसाद का एक चावल का दाना और एक सिक्का भी अगर भक्त को मिल जाये तो उसके जीवन में हमेशा अन्नपूर्णा मां की कृपा बनी रहती है और वह इंसान कभी भी भूखा नहीं रह सकता।

अन्नपूर्णा मंदिर के आचार्य पंडित रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि दीपावली से पहले पड़ने वाले धनतेरस के दिन मां का अनमोल खजाना खोला जाता है। श्रद्धालुओं में मंदिर के महंत रामेश्वरपुरी द्वारा साल में केवल एक दिन धनतेरस के दिन प्रसाद स्वरुप सिक्का बांटा जाता है। मान्यता है की इस खजाने के पैसे को अगर अपने घर में रखा जाये और लावे को अन्न पेटी में तो कभी किसी चीज की  कमी नहीं हो सकती हैं। पूरे साल में सिर्फ एक बार तीन दिनों तक मां के स्वर्ण मंदिर का दर्शन होता है और मां को भोग लगाने के बाद मंदिर का पट बंद हो जाता है।

इसकी धार्मिक मान्यता के बारे में बताते हुए आचार्य पंडित रामनारायण द्विवेदी कहते है कि धार्मिक पुराणों में वर्णित है कि जब काशी में अकाल पड़ा था तो लोग भूखों मर रहे थे। उस समय भगवान शिव को भी समझ ने नहीं आ रहा था की इस नगरी में ये क्या हो गया। ध्यान मग्न होने पर भगवान शिव को यह दिखा की मां अन्नपूर्णा ही अब इस समस्या से लोगों को बचा सकती हैं। तब शिव खुद मां के पास जाकर भिक्षा मांगते हैं। माता ने उसी वक्त शिव को वचन दिया की आज के बाद कोई भी इस नगरी में भूखा नहीं रहेगा और मेरा खजाना पाते ही लोगों के दुःख दूर हो जायेंगे।

मां के खजाने से सिक्का और अन्न प्राप्ति के लिए यहां दूरदराज क्षेत्रों से ही नहीं बल्कि देश के कोने कोने से लोग आते हैं और मां का प्रसाद ग्रहण करने के लिए घंटों कतारबद्ध रहते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि खजाने के एक सिक्के और प्रसाद स्वरुप लावे का एक दाना मात्र से घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती और परिवार में सुख समृद्धि बढ़ती है।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button