सोनभद्र

सरकार के मंसूबों पर पानी फेरता यह अस्पताल, एम्बुलेंस के लिए तड़पता रहा मरीज, डॉक्टर भी नदारद

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रिपोर्ट- आलोक पति तिवारी

सोनभद्र। सरकार द्वारा स्वास्थ सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर तमाम योजनाएं संचालित की जाती हैं, लेकिन उन सुविधाओं की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। गुरुवार को संयुक्त जिला अस्पताल से वाराणसी के लिए रेफर किया गया मरीज 2 घंटे तक स्ट्रेचर पर तड़पता रहा, लेकिन उसके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो पाई।

जानकारी होने के बाद नेशनल विजन के संवादाता आलोक पति तिवारी मौके पर पहुंचे और उनके पहल पर 102 एंबुलेंस सेवा से मरीज को वाराणसी भेजा गया। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए और मरीजों को मुफ्त में एंबुलेंस की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है। पर जनपद के कुछ स्वास्थ्य अफसरों के मनमानी रवैया के चलते इस प्रकार की सुविधाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं।

गंभीर बीमारी से ग्रसित है मरीज

मरीज के परिजन बबलू सोनी ने बताया कि वे घुवास खुर्द के रहने वाले और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं। उनके बेटे को किडनी की समस्या है और वे लोग 2 घंटे से एंबुलेंस को फोन करके एंबुलेंस का इंतजार कर रहे थे, लेकिन कोई भी एंबुलेंस की सुविधा अभी तक नहीं मिल पाई।

जिला अस्पताल में खाली रहा ओपीडी नहीं मिले डॉक्टर और अस्पताल अधीक्षक

संयुक्त चिकित्सालय सोनभद्र के ओपीडी में जब नेशनल विजन टीम पहुंची तो डॉ आनंद कुमार हड्डी रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद ओपीडी वार्ड में नहीं मिले। वहीं डॉक्टरों के न रहने पर मरीज परेशान दिखाई दिए। मरीजों ने बताया कि वे लोग 10:00 बजे से पर्ची कटवा कर डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं और अभी तक डॉक्टर का कोई अता पता नहीं है। यही नहीं स्वास्थ्य अधीक्षक भी अपने ऑफिस में नहीं थे। जब सेल फोन के माध्यम से उन से वार्ता करने का प्रयास किया गया तो उनका मोबाइल स्विच ऑफ मिला।

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