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मानवता हुई शर्मसार, झोले में डाल नवजात को सड़क पर फेंका

मऊ। मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला एक दृश्य रविवार को जनपद के कोपागंज थानान्तर्गत प्राथमिक पाठशाला सहरोज के समीप देखने को मिला। यहां तालाब के समीप किसी ने एक नवजात शिशु को झोले में रखकर फेंक दिया था।

दरअसल कोपागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला सहरोज के सामने स्थित तालाब के किनारे से गुजर रहे राहगीरों को किसी बच्ची की रोने की आवाज आयी, तो लोगों ने इधर-उधर देखा। ​राहगीर यह देख अचंभित रह गये कि एक नवजात झोले में पड़ी रो रही है और बारिश में भीग रही है। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। इस दौरान पुलिस के आने से पूर्व एक स्थानीय महिला ने नवजात को कपड़े में लपेट दिया,जिससे वह भीग न सके। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां से चिकित्सकों तथा महिला पुलिस के देखरेख में रखने के बाद नवजात को जिला बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जिस झोले में शिशु को रखा गया था उस पर इकबाल अहमद वस्त्र विक्रेता जायसवाल कटरा ठठेरी गली लिखा हुआ था। इस घटना ने जहां शासन की मंशा बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओ अभियान को ठेंगा दिखाया, तो वहीं पूरी मानवता को शर्मसार कर दिया। सीएमओ सतीश चन्द्र सिंह ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोपागंज में पुलिस द्वारा लावारिस बच्ची लाए जाने की जानकारी मिली है। नवजात बच्ची का मेडिकल परीक्षण किया गया है। फिलहाल बच्ची की स्थिति ठीक है और आगे की कार्रवाई के लिए सम्बन्धित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है।

बता दें कि नवजात को बाल कल्याण समिति की निगरानी में सौंप दिया गया है, जिसका देखरेख और उपचार जिला अस्पताल में कराया जा रहा है। स्वस्थ होने के बाद प्रक्रिया के तहत नवजात को लगभग दो महीने तक मुहम्मदाबाद गोहना स्थित शिशु गृह में रखा जाएगा।

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