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विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही ने जिन्दा दिव्यांग को किया मृत घोषित

गाजीपुर। केंद्र सरकार जहां एक ओर दिव्यांगो की बेहतरी के लिए लगातार अपना काम कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ विभागीय कर्मचारियों के भ्र्ष्टाचार का मामला भी समय समय पर सामने आता रहता है। ऐसा ही एक मामला गाजीपुर का है, जहां विभागीय कर्मचारियों के लापरवाही के कारण एक दिव्यांग दर दर भटक रहा है, लेकिन कोई उसकी मदद की गुहार को नहीं सुन रहा है। 

दरअसल विभागीय कर्मचारियों ने दिव्यांग चंद्रमा राम को दो साल पहले ही मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद से उनको ना तो पेंशन मिल रहा और ना ही सरकारी राशन। दिव्यांग चन्द्रमा राम खुद को जिंदा साबित करने के लिए रोजाना सरकारी दफ्तर के चक्कर लगा रहे, लेकिन अब तक विभाग अपनी गड़बड़ी को सही नहीं कर सका है।

पूरा मामला मोहमदाबाद के भांवरकोल का है। जिला मुख्यालय से तकरीबन 35 किलोमीटर दूर महेशपुर द्वितीय का नकटिकोल गांव। जहां के दलित बस्ती में रहने वाले दिव्यांग दंपत्ति चंद्रमा राम एवं उनकी पत्नी कौशल्या देवी रहती हैं। चंद्रमा राम दोनों पैरों से चल नहीं सकते और एक हाथ से दिव्यांग हैं । वहीं उनकी पत्नी एक आंख से देख नहीं सकती। भ्रष्टाचार के खेल में दिव्यांग दर दर भटकने के लिए मजबूर है। विभागीय लापरवाही के चलते ही  दिव्यांग को मृत घोषित कर दिया गया। घर में खाने को नहीं है।

दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ चंद्रमा राम को सन 2008 से मिला। लेकिन 2017 मे उन्हें मृत घोषित करते हुए मिलने वाली दिव्यांग पेंशन बंद कर दी गई। इस बात की जानकारी 2017 में  तब हुई जब चंद्रमा के खाते में 6 महीने  बीत जाने के बाद भी पेंशन नहीं आई। परेशान चन्द्रा राम ने ब्लॉक के संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी, लेकिन निराशा ही हाथ लगी। अब यह दिव्यांग दंपति अपने हक के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।

इस पूरे मामले में जब जिलाधिकारी के बालाजी से बात की तो उन्होंने बताया कि राशन कार्ड और पेंशन की तत्काल जांच कराई जाएगी। साथ ही जिन कर्मचारियों, अधिकारियों की लापरवाही से ऐसा हुआ है उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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