पूर्व DIG के बेटे की हुई हत्या, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

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वाराणसी। एक के बाद एक लगातार शहर में हो रही हत्याओं ने पुलिस प्रशासन के कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। बीते रविवार को सारनाथ थानान्तर्गत अशोक विहार कालोनी में पूर्व डीआईजी सभाजीत सिंह के बिल्डर बेटे बलवंत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

दरअसल बलवंत अशोक विहार कालोनी में अपने एक मित्र के यहां दावत पर गए थे। वहां पार्टनरों के बीच कहासुनी के दौरान एक पार्टनर ने बलवंत पर गोली चला दी। आनन-फानन में बलवंत को मलदहिया स्थित एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वहीं हत्या के बाद से मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों का हंगामा जारी है। प्रापर्टी डीलर बलवंत सिंह की हत्या के बाद कानून व्यवस्था पर लोगों ने सवाल खड़े किए है। अस्पताल में बलवंत के शव के पास विलाप करने के साथ गुस्से में लोग यही सवाल उठा रहे थे कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज है भी या नहीं। हंगामा करने वालों का कहना था कि एक के बाद एक शहर में हत्याओं का सिलसिला जारी है और पुलिस बेबस नजर आ रही है।

उत्तर प्रदेश सरकार भले ही अपराध पर लगाम लगाने की बात कर रही हो, लेकिन बनारस में अपराधी बेलगाम हैं। वह एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ढाई माह के भीतर जिस तरह से एक के बाद एक कर 11 लोगों की हत्या कर दी गयी वह पुलिस की सक्रियता पर सवाल खड़ा करते हैं। कैंट के मढ़वा में झुन्ना पंडित ने पहले पूर्व प्रधान का अपहरण कर पीटकर अधमरा किया।

इसके कुछ दिन बाद ही पुलिस को चुनौती देते हुए दिव्यांग पान विक्रेता की हत्या कर दी। इसके बाद पंजाब में नाटकीय ढंग से गिरफ्तार हो गया। इसके अलावा सदर तहसील परिसर में बस संचालक व प्रापर्टी डीलर बबलू सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। अब तक पुलिस न तो हत्या की वजह और न हत्यारों का पता लगा सकी है। हत्याओं का दौर यहीं नहीं थमा। इसके बाद बीएचयू में चाय विक्रेता और सुंदरपुर में किशोर की हत्या हो गयी। दोनों ही मामलों में पुलिस अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है कि हत्या क्यों की गयी और किसने की।