DIPAWALI SPECIAL: इन चमत्कारी यंत्रों से होगी पैसों की बरसात

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ब्यूरो रिपोर्ट। दीपावली की रात्रि चार महारात्रि में से एक है। दीपावली की रात को कालरात्रि भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इन महारात्रियों में की गई यंत्र मंत्र साधना तुरंत सिद्ध हो जाती है। दीपावली की रात्रि में लक्ष्मी,कुबेर,काली आदि विभिन्न देवी-देवताओं के पूजन की विशेष परंपरा है। मुख्य रूप से लक्ष्मी के आगमन के पर्व दीपावली पर्व के रूप में सदियों से लोग मनाते चले आ रहे हैं। 

दीपावली पूजन के पश्चात अनेक निष्ठावान साधक विभिन्न यंत्र तंत्र मंत्र को सिद्ध करने के लिए साधना करते हैं। यंत्र साधना के लिए कालरात्रि  सिद्धि दायक बतलाई गई है। साधना का सर्वोत्तम काल  कालरात्रि का निश्चित काल माना गया है इस काल अवधि में प्रारंभ पूजन अत्यंत फलदाई सिद्ध होता है। काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिष एवं यंत्र साधक श्री विमल जैन द्वारा पाठकों के लिए यहां कुछ सरल यंत्र की साधना का विधान प्रस्तुत किया जा रहा है-

चमत्कारी बीसा यंत्र 
दीपावली पर्व पर अष्टगंध की स्याही से इस यंत्र को भोजपत्र पर अनार की कलम से लिख कर धूप दीप नैवेद्य से पूजन करें। पूजन के उपरांत रेशम के वस्त्र में लपेटकर ताबीज डालकर दाहिने हाथ की भुजा पर बांध लें। यह मंत्र बाधाओं को दूर करता है।जीवन में सुख समृद्धि का योग बनाता है। लक्ष्मी बीसा यंत्र दीपावली पर इस यंत्र को अनार की कलम द्वारा अष्टगंध से भोजपत्र पर लिखना चाहिए और विधिवत पूजन करें। यदि संभव हो तो यंत्र के सम्मुख बैठकर रोजाना श्री सूक्त श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें।

व्यापार वर्धक लक्ष्मी यंत्र
इस यंत्र को अनार की कलम द्वारा केसर की स्याही से भोजपत्र पर लिखना चाहिए। ओम महालक्ष्मी नमः मंत्र की 21 माला का जाप करें। यंत्र को पूजा पूजन उपरांत अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान में स्थापित कर दें।  नित्य प्रतिदिन श्री लक्ष्मी जी गणेश जी की पूजा के साथ इस यंत्र की पूजा करें। शुद्ध देसी घी का दीपक एवं धूप जलाने चाहिए जिससे व्यापारिक लाभ होता है।

व्यापार वृद्धि यंत्र
दीपावली पर्व के शुभ मुहूर्त में सादे कागज या भोजपत्र पर लाल चंदन की स्याही के अनार की कलम से लिखना चाहिए। दीपावली की रात्रि में निश्चित काल के समय लिखने पर यह मंत्र विशेष प्रभावकारी बन जाता है। मंत्र लिखने के पश्चात धूप अगरबत्ती आदि से पूजा करनी चाहिए। इस यंत्र से व्यापार में उन्नति के लिए किए जा रहे प्रयास सफल होते हैं।

धन प्राप्ति यंत्र
इस यंत्र को दीपावली की रात्रि में चमेली की कलम द्वारा अष्टगंध से भोजपत्र पर लिखना चाहिए और अपने धन रखने के स्थान पर रखें। आर्थिक क्षेत्र में अत्यंत उन्नति होगी,व्यापार वृद्धि होगी ।

लक्ष्मी यंत्र  
इस यंत्र को दीपावली पर्व की रात्रि में अष्टगंध केसर, कस्तूरी की स्याही से भोजपत्र पर अनार की कलम से लिखना चाहिए अथवा रजत पत्र पर उत्कीर्ण करवाकर व्यापार स्थल में स्थापित करें। यंत्र का नित्य धूप दीप नैवेद्य से पूजन करें धन में वृद्धि होगी।