स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही, कूड़े की ढेर में पड़ी मिली सरकारी दवाएं

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रिपोर्ट : राहुल पाण्डेय

ग़ाज़ीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही ऐसी है, जिसके कारण सरकार की योजनाएं धरातल पर मूर्त रूप नहीं ले पा रही है। ताजा मामला गाजीपुर जनपद का है, जहां जो दवाएं मरीजों तक पहुंचनी चाहिए थी, वह बड़ी मात्रा में कूड़े की ढेर में फेंकी हुई मिली।

स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही की बानगी गाजीपुर में चर्चा का विषय बनी हुई है। गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली सरकारी दवाएं कूड़े के ढेर में जब मिली तो पीयूष नाम के एक स्थानीय व्यक्ति ने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। मामले की जानकारी होते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।

पीयूष ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मेरी मां की मौत भी दवाइयां न मिलने के कारण हुई और यहां कूड़े में दवाइयां फेंकी हुईं हैं। उनका कहना रहा कि अगर फेंकना ही था तो यह दवाइयां गरीबों में बांट देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यह दवाएं वर्ष 2019 की बनी हुई हैं और 2021 तक उपयोग में आने वाली हैं।

यह दवाएं शहर के अपीम फैक्ट्री के पास सड़क किनारे कूड़े के ढेर में पड़ी मिली। इस पूरे मामले पर सीएमओ डॉ. गिरीश चन्द्र मौर्या का कहना रहा कि मामला संज्ञान में आया है और पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि यह दवाएं कूड़े में कैसे पहुंची। इस मामले में जो कोई भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।