यूपी में मेट्रो रेल कार्पोरेशन बनने से वाराणसी में भी जगी उम्मीद

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वाराणसी। पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में मेट्रो संचालन को लेकर चार साल से चल रही ऊहापोह की स्थिति शुक्रवार को समाप्त हो गई। इसी के साथ ही काशी में लाइट मेट्रो चलाने का फैसला हो चुका है। इसका खाका भी तैयार कर लिया गया है। इसे जल्द ही मूर्त रूप दे दिया जाएगा। सीएम योगी ने बताया कि इसके लिए डीपीआर बनाने का काम चल रहा है।

बता दें कि वाराणसी में मेट्रो संचालन के लिए 2015 में पहली बार जब सर्वे हुआ तो उसमें खर्च ज्यादा और इनकम कम दिखाई गई थी। वहीं केंद्र सरकार ने मेट्रो संचालन संबंधी नई नीति तैयार की। दोनों वजहों से प्रोजेक्ट अधर में लटक गया। इसके लिए सर्वे व डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने वाली संस्था रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स) ने हर संभावनों को तलाश कर लाइट मेट्रो को हरी झंडी दे दी है। अब केवल डीपीआर कैबिनेट में पेश किया जाएगा, जहां संस्तुति मिलने के बाद केंद्र सरकार को मुकम्मल प्रस्ताव भेजा जाएगा।

जानकारी के अनुसार काशी के दोनों छोरों पर स्थित गंगा घाटों पर भी मेट्रो स्टेशन बनाने के लिए सर्वे किया गया है।रोज ज्यादा आबादी के आवागमन को देखते हुए राइट्स ने इसकी भी पड़ताल की है। एक छोर पर स्थित काशी रेलवे स्टेशन पर प्रस्तावित इंटर मॉडल स्टेशन से भी मेट्रो को जोड़ने के लिए सर्वे किया गया है। दूसरे छोर पर स्थित सामने घाट में भी स्टेशन और टर्मिनल बनाने का प्रस्ताव है।