करवा चौथ: क्या है महत्ता, राशि अनुसार करें इन रंगों के परिधान धारण, होगा ये लाभ 

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धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जाता है।  हिंदू सनातन धर्म में पौराणिक मान्यता के अनुसार देवी देवताओं की पूजा अर्चना करके व्रत उपवास रखने की विशेष महत्ता है। करवा चौथ व्रत से विशिष्ट कामना की पूर्ति होती है। यह सुहागिन महिलाओं का अत्यधिक लोकप्रिय व्रत है। महिलाएं बड़े  हर्ष उल्लास व उमंग के साथ अपने पति की दीर्घायु के लिए ये व्रत रखती हैं। इस बार 17 अक्टूबर को कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत का विधान है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग को अमर रखने को लेकर करवाचौथ का व्रत रखती हैं। जिसका इंतजार हर सुहागिन को रहता है। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार 70 साल बाद रोहिणी नक्षत्र के साथ मंगल का योग बनेगा। जो बहुत ही शुभ फलदाई है। इस दिन गणेश जी के साथ चतुर्थी माता यानि करवा माता की पूजा का विधान है। 

प्रख्यात ज्योतिर्विद श्री विमल जैन ने बताया कि इस बार यह  व्रत गुरुवार 17 अक्टूबर को रखा जाएगा। सुहागिन महिलाएं कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन सुख समृद्धि व अखंड सौभाग्य के लिए व्रत उपवास रखकर देवाधिदेव भगवान शिव माता पार्वती भगवान श्री गणेश एवं कार्तिकेय की पूजा अर्चना करती हैं। करवा चौथ से संबंधित वामन पुराण में वर्णित कथा को सुनने का भी विधान है। व्रत के दिन सुहागिन महिलाएं नव प्रधान व आभूषण धारण करके पूजा अर्चना करती हैं  पूजा क्रम में करवा जोकि सोना चांदी पीतल या मिट्टी का होना चाहिए लोहिया एलमुनियम धातु का नहीं होना चाहिए करवा में जल भरकर सौभाग्य श्रृंगार की वस्तुएं थाली में सजाकर रखी जाती है। रात्रि में चंद्र उदय होने के पश्चात चंद्रमा को अर्घ देकर उनकी पूजा-अर्चना करती है इसे देखकर उनकी आरती उतारती है घर परिवार में उपस्थित जनों को उपहार देकर उनसे आशीर्वाद लेती हैं।

प्राचीन काल से ही महिलाएं अपने पति और संतान की मंगल कामना और लंबी उम्र के लिए कई प्रकार के व्रत एवं उपवास रखती आई हैं। देखा जाए तो करवा चौथ के व्रत पर पूरा दिन निर्जल व्रत रख, सोलह शृंगार कर हाथों में पूजा का थाल लिए चांद का इंतजार करती विवाहित महिलाएं महज परम्परा ही नहीं निभाती हैं, बल्कि यह व्रत पति और पत्नी के प्रेम एवं समर्पण को भी दर्शाता है। पति की लम्बी उम्र के लिए दिन भर भूखी प्यासी पत्नी जब चांद की पूजा के बाद अपने पति का चेहरा देखती है, तो उनके मन में एक दूसरे के लिए और भी प्यार भर जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सुबह सरगी खाकर महिलाएं इस व्रत को आरंभ करती हैं और रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देकर एवं अपने पति का चेहरा देख कर ही पानी पीती हैं।

करवा चौथ का महत्व
करवा चौथ के दिन सुहागन स्त्रियां पूरे दिन भूखे प्यासे रहकर अपने पति की लंबी उम्र के व्रत रखती हैं। शास्त्रों के अनुसार करवा चौथ के व्रत से न केवल पति की उम्र लंबी होती है। बल्कि इस व्रत से वैवाहिक जीवन भी सुखमय होता है।करवाचौथ के दिन कथा सुनने को विशेष महत्व दिया जाता है। इसके बाद चांद का देखकर पूजा की जाती है और व्रत खोला जाता है। इस दिन भगवान शिव,माता पार्वती और भगवान श्री गणेश की पूजा की जाती है और करवाचौथ व्रत की कथा सुनी जाती है। शास्त्रों के अनुसार विवाह के 12 वर्ष से 16 वर्ष तक इस व्रत को किया जाता है लेकिन कुछ महिलाएं इस व्रत को जीवनभर रखती हैं। इस व्रत को पति की लंबी उम्र के लिए विशेष माना जाता है। इस व्रत से अधिक श्रेष्ठ कोई उपवास नहीं है।

राशियों के अनुसार इन रंगों के परिधान धारण करने से होगी सौभाग्य में वृद्धि करवा चौथ के पर्व को और अधिक खुशनुमा बनाने के लिए राशियों के रंग के मुताबिक महिलाएं परिधान धारण करें तो सौभाग्य में वृद्धि  होगी साथ ही उनको अन्य लाभ भी मिलेगा। सामान्यतः सुनहरा पीला और लाल रंग के परिधान धारण करना शुभ माना गया है। लाल रंग से ऊष्मा व् ऊर्जा का संचार होता है, वहीं पर सुनहरे व पीले रंगों से जीवन में प्रसन्नता मिलती है। आजकल राशि के अनुसार आभूषण व परिधान धारण करने का प्रचलन बढ़ रहा है। कौन सा रंग किस राशियों के लिए लाभदायक रहेगा यह हम आपको बता रहे हैं-
मेष राशि वाली महिलाएं लाल गुलाबी एवं नारंगी रंग के परिधान को धारण करेंगी तो उनको लाभ मिलेगा।
वृष राशि की महिलाओं को सफेद एवं क्रीम रंग के परिधान धारण करना चाहिए।
मिथुन राशि की महिलाओं को हरा और फिरोजी रंग को अपने परिधान में शामिल करना लाभप्रद रहेगा।
कर्क राशि वाली महिलाएं सफेद व क्रीम रंग का इस्तेमाल करें।
सिंह राशि वाली महिलाएं केसरिया, लाल और गुलाबी रंग के परिधान धारण करें।
कन्या राशि वाली हरा और फिरोजी रंग का इस्तेमाल करें।
तुला राशि की महिलाएं सफेद ,हल्का नीला।
वृश्चिक राशि वाली महिलाएं नारंगी, लाल, गुलाबी, पीला, सुनहरा।
मकर व कुंभ राशि वाली भूरा,स्लेटी व ग्रे।
मीन राशि वाली पीला, हरा, सुनहरे रंगों को अपने परिधान में शामिल करेंगी तो उनको सौभाग्य और समृद्धि दोनों की ही प्राप्ति होगी।