ब्यूरो रिपोर्ट। हर भारतीय के लिए 26 जुलाई गर्व का दिन है क्यूंकि साल 1999 में मई के महीने में भारतीय जवानों को ये खबर मिली थी कि पाकिस्तानी सैनिकों ने कारगिल की चोटी पर कब्ज़ा कर लिया है, जिसके बाद ही शुरू हुआ ये कारगिल युद्ध। 5 मई से 26 जुलाई तक कश्मीर की चोटियों पर दुश्मन के साथ हमारी सेनाओं का युद्ध हुआ। इस विजय युद्ध को आज 21 साल पूरे हो गए हैं। हर भारतीय के लिए आज का दिन गर्व का दिन है।कारगिल दिवस के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और इंडियन आर्मी ने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा है कि देश इन जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

बता दें कि इस दिन न सिर्फ भारतीय सेना ने पाकिस्तानी सैनिकों को करगिल की पहाड़ियों से वापस खदेड़ था, बल्कि दुश्मनों को आगाह भी कर दिया कि यदि कोई भी हमारे देश की तरफ आंख उठाकर देखेगा तो उसको गंभीर अंजाम भुगतने पड़ सकते हैं। 60 दिन तक चले इस युद्ध में भारत के कई ने जवानों ने अपनी जान गवाईं लेकिन देश के सिर को झुकने नहीं दिया। पाकिस्तान के इस युद्ध में 2700 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे, जिसके बाद इस ऑप्रेशन में पाकिस्तान घुटने टेकने को मजबूर हो गया था।

आज भी द्रास और करगिल में शहीद जवानों के किस्से गूंजते हैं जो कहीं ना कहीं सभी में एक सिरहन पैदा कर देते हैं। वहीं इस युद्ध के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी स्वीकार करते हुए कहा था कि यह लड़ाई पाकिस्तानी सेना के लिए एक आपदा से कम नहीं थी।

कारगिल विजय दिवस : 21 साल पहले आज के ही दिन भारतीय रणबाकुरों ने किया था, पाकिस्तान के नापाक मंसूबों को नेस्तोनाबूद
To Top