CAB के विरोध में जामिया के छात्रों ने शर्ट उतारकर किया प्रदर्शन

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नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध दिल्ली में उस समय हिंसक हो गया जब जामिया मिल्लिया इस्लामिया विविद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन में स्थानीय लोग भी शामिल गयें। पुलिस द्वारा उन्हें आगे बढ़ने से रोकने पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस के साथ संघर्ष के दौरान उन्होंने दक्षिण पूर्व दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी एवं मथुरा रोड पर डीटीसी की कई बसों, एक कार और एक अग्निशमन गाड़ी में आग लगा दी। रविवार देर रात जहां हिंसा समाप्त हुई  तो वहीं सोमवार की सुबह भारी संख्या में में लोग जामिया के बाहर इकट्ठा हुए हैं और लगातार पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों ने पूरे मामले की सीबीआइ जांच की मांग की है, साथ ही सुप्रीम कोर्ट से मामले को संज्ञान लेने की गुजारिश की है। 

पुलिस ने बताया कि इस हिंसक प्रदर्शन में छह पुलिसकर्मी और दो दमकलकर्मी जख्मी हो गए। संघर्ष के कारण इलाके में यातायात बाधित हो गया और सड़कों पर वाहन कई घंटे तक फंसे रहे। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्र नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बसों में आग लगा दी और कम से कम तीन बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और दमकल की एक गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई।

वहीं प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया जब वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव सिमॉन फारूकी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से मथुरा रोड पर बैठे थे तभी पुलिस ने उनमें से कुछ को परेशान करने का प्रयास किया जिसका उन्होंने विरोध किया। जामिया के छात्रों ने हिंसा के बाद बयान जारी कर कहा है कि हम बार-बार कहते रहे हैं कि हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण और अहिंसक है।

दिल्ली यातायात पुलिस ने ट्वीट कर कहा कि आंदोलन के कारण ओखला अंडरपास से सरिता विहार तक यातायात बंद रहा। जामिया टीर्चस एसोसिएशन ने नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा की निंदा  की और कहा कि वह दक्षिणी दिल्ली में आगजनी का हिस्सा नहीं है। एसोसिएशन ने स्थानीय राजनीतिक नेताओं के नेतृत्व वाले इस तरह के दिशाहीन प्रदर्शन से दूर रहने की छात्रों से अपील की है।