वाराणसी में अपराधियों की अब खैर नहीं, आईपीएस प्रभाकर चौधरी बने नए पुलिस कप्तान

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वाराणसी। उत्तर प्रदेश में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण व लॉ एंड आॅर्डर को बनाए रखने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने आठ जिलों के एसएसपी व एसपी समेत 22 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इन तबादलों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी शामिल है,जहां वर्तमान एसएसपी आनंद कुलकर्णी की जगह अब सोनभद्र के एसपी प्रभाकर चौधरी को कमान सौंपा गया हैं।प्रभाकर चौधरी यूपी के जाने माने आईपीएस अफसरों में से एक हैं, जो अपने कर्तव्य निष्ठा व सादगी को लेकर हमेशा से चर्चा में रहें हैं।

चाह थी लेक्चरर की बन गए आईपीएस
1 जनवरी 1984 को अम्बेडकर नगर में जन्में प्रभाकर चौधरी के पिता का नाम पारस चौधरी है। इन्होंने बीएससी के बाद एलएलबी की शिक्षा ग्रहण की और इसके बाद 2010 के आईपीएस बैच में सेलेक्शन पाकर देश की सेवा में जुट गए। मथुरा में एसएसपी रहने के दौरान एक कार्यक्रम में बच्चों से संवाद करते हुए प्रभाकर चौधरी ने अपने आईपीएस बनने के पीछे की कहानी बयां करते हुए बताया था कि वह केमिस्ट्री का लेक्चरर बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत ने आईपीएस बना दिया। वो प्रतिदिन पांच से छह घंटे ही पढ़ा करते थे। एनसीईआरटी की कोई बुक्स ऐसी हो जो न पढ़ी हो। उन्हें पढ़ने की रुचि बचपन से थी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में 76 प्रतिशत अंक ही प्राप्त किए तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी 61 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण किए और पहली बार में सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास कर आईपीएस बन गए।

पुलिस विभाग में करते रहें हैं नए प्रयोग
आईपीएस प्रभाकर चौधरी पुलिस विभाग में नए प्रयोग भी करने के लिए जाने जाते हैं। देवरिया में बतौर एसपी के दौरान उन्होंने योग्य थानेदारों की तैनाती का सिस्टम तैयार किया था। इसके लिए दारोगाओं की उन्होंने परीक्षा भी लिया और मेरिट के आधार पर थाने बांटते थे। इस दौरान विधायक या मंत्री की कोई सिफारिश नहीं चलती,जिससे थानों से जनता को काफी हद तक न्याय मिलने लगा।

जब पीठ पर बैग टांग कानपुर एसपी का पहुंचे चार्ज संभालने
कम उम्र और मासूम से दिखने वाले आईपीएस प्रभाकर चौधरी की अगर सादगी की बात करें, तो अक्टूबर 2016 में हुआ वाक्या लोगों के जेहन में आ जाता है। जब पीठ पर स्टूडेंट की तरह बैग टांग कर और रोडवेज बस में सवार होकर कानपुर एसपी का चार्ज संभालने प्रभाकर चौधरी पहुंचे थे। वहां मौजूद पुलिसकर्मी इन्हें देख हैरान हो गये थे।

वाराणसी पुलिस कप्तान की मिली जिम्मेदारी
बलिया, कानपुर, मथुरा आदि कई जगहों पर तैनाती के बाद लॉ एंड आॅर्डर मेंटेन करने के लिए प्रभात चौधरी को सोनभद्र एसपी का कमान सौंपा गया और अब इन्हें वाराणसी एसएसपी के पद पर तैनात किया गया है। अब देखना यह होगा कि वाराणसी में बढ़ रहे अपराधों पर नियंत्रण के लिए नए एसएसपी के तौर पर प्रभात चौधरी कौन सी नई पहल करने वाले हैं। हालांकि शासन को भी इनसे काफी अपेक्षाएं है और शायद यही कारण भी है कि इन्हें वाराणसी का कप्तान नियुक्त किया गया है।