ग्रीन कार्ड की दौड़ में भारत, चीन व मैक्सिको सबसे आगे

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ब्यूरो डेस्क। ट्रंप प्रशासन के ​कड़े नियमों के बाद भी अमेरिकी नागरिकता को लेकर चीन, भारत, मैक्सिकों के लोग ग्रीन कार्ड पाने की होड़ में लगे हुए हैं। जारी हुए नए अधिकारिक आकड़े बताते है कि परिवार प्रायोजित ग्रीन कार्ड या वैध स्थायी निवास की अनुमति मिलने के लिए दुनिया भर में 40 लाख लोग प्रतीक्षा सूची में है, तो वहीं भारत में दो लाख 27 हजार से अधिक भारतीय लोग कतार में हैं।

अ​मेरिका प्रतिवर्ष महज दो लाख 26 हजार विदेशी नागरिकों को ग्रीन कार्ड मुहैया कराता हैं। आकड़े बताते है कि मैक्सिकों ने अकेले 15 लाख लोगों ने ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया है। इसके बाद दूसरा पायदान भारतीयों का है जिसमें आवेदकों की संख्या दो लाख 27 हजार है, तो वहीं तीसरा पायदान चीन का है, जहां एक लाख 80 हजार नागरिकों ने ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन किया है।

8 लाख 27 हजार लोग ऐसे भी है जो ग्रीन कार्ड के अलावा स्थायी वैध निवास की स्वीकृति के लिए इंतजार में है। इनमें भी भारतीय नागरिकों की बहुत ब​ड़ी संख्या है। ग्रीन कार्ड पाने के फायदे की बात करें तो यह अमेरिका के वैद्य स्थायी निवासी का दर्जा प्रदान करता है। यह कार्ड किसी भी व्यक्ति को वैद्य रूप से रहने और काम करने का अधिकार देता है, जिनके परिवार को अमेरिका में नागरिकता प्राप्त हो चुकी है उन्हें ग्रीन कार्ड दिए जाते है। यह अमेरिका की नागरिकता ग्रहण करने का पहला कदम होता है। नियमानुसार अमेरिकी नागरिक दूसरे देश में रह रहे अपने परिवारों कों स्थायी वैद्य निवास या ग्रीन कार्ड के लिए नामित कर सकता है।

वहीं अमेरिकी ट्रंप प्रशासन इसमें कुछ बदलाव लाना चाहती है। सरकार चाह रही है कि योग्यता के आधार पर दिये जा रहे वीजा कोटा को 12 फीसदी से बढ़ाकर 57 फीसदी कर दिया जाए। अभी 66 फीसदी ग्रीन कार्ड परिवार से संबंध के आधार पर दिया जाता है। जबकि 12 फीसदी लोगों को ही योग्यता के आधार पर दिया जाता है।