जानें देशी घी के फायदे और इसे बनाने के तरीके

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वाराणसी। सेहत के मामले में सबसे लाभदायक मानी जाने वाली चीज देशी घी है, जिसका सेवन हर उम्र के लोग करते हैं। देशी घी दादी नानी के नुस्खे में भी कामगार रही है। 80 के दशक में देशी घी का इस्तेमाल हर घर में खाने के समय में तो होता ही रहा, साथ ही इसका इस्तेमाल कटे, फटे, फोड़े, फुन्से में भी दादी नानी के सलाह पर किया जाता रहा है।

दादी नानी के नुस्खे में भी कामगार देशी घी
वाराणसी की बड़ीबाजार निवासिनी सलीमुननिशा बताती हैं कि हमारे जमाने में देशी घी को सिर्फ खाने तक ही नहीं माना जाता रहा, अपितु इसे कटे, फटे, फोड़े व फुन्सीयों पर भी लगाया जाता था। उन्होने बताया कि पान के पत्ते पर देशी घी लगाकर हल्के आंच पर गर्म करके फोड़े पर लगाने से कच्चे फोड़े पक कर बहने लगते थे और धीरे धीरे ठीक होने लगते थे। इतना ही नही सर्दी में भी देशी घी को गर्म करके नाक में डालने से सर्दी गायब हो जाती थी।

घर पर बनाये ऐसे देशी घी
अगर आपने कभी घर पर देसी घी नहीं बनाया है। तो हम आपको बता रहे हैं शुद्ध-देसी घी बनाने की आसान सी विधि और साथ ही जानिए इसके सेवन से होने वाले कमाल के सेहत।

देसी घी बनाने का विधि
दूध पर जमी मलाई को एक अलग पतीले में इकट्ठा कर लें।
अब इसे तब तक फेंटे जब तक यह सफेद मक्खन के रूप में तब्दील न हो जाए।
इस मक्खन को कढ़ाई में हल्की आंच पर पकने दें और बीच-बीच में पलटते रहें।
कुछ ही देर बाद घी ऊपर आ जाएगा और मक्खन का चूरा पककर कढ़ाई में नीचे रह जाएगा। अब एक साफ बरतन में देसी घी को छान लें।

देसी घी के इस्तेमाल से होने वाले फायदे

1. इसमें सैच्यूरेटेड फैट्स पाए जाते हैं जो शरीर के लिए अच्छे होते है। यहां तक की ये मक्खन से ज्यादा बेहतर है।

2. देसी घी में ओमेगी-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हैं।

3. यह आसानी से पच जाता है और कोलेस्ट्रॉल संबंधित परेशानियों को खत्म करता है।

4. इसमें एंटी-ऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं जो आपकी इम्यूनिटी को मजबूत करते है।

5. देसी घी में मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स शरीर में आसानी से सोखता है।

6. यह कब्ज होने पर आराम देता है और वजन घटाने में भी मदद करता है।

7. इसमें एंटी-कैंसर और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते है।

8. देसी घी के सेवन से बाल और त्वचा चिकनी और मुलायम होती है।