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हेल्लो साहेब!… जब महिला ने फोनपर लगाई गुहार तो सीआरपीएफ कमांडेंट ने कह दी यह बात

वाराणसी। यूं हीं नहीं कोई लगाता गुहार, कुछ तो है खूबी, कुछ तो है प्यार, लॉक डाऊन के बाद से ही कामगार,गरीब जनता राशन की किल्लत से जूझ रही है। ऐसे लोगों के लिए सीआरपीएफ 95 बटालियन कमान्डेंट नरेंद्र पाल सिंह (पीएमजी ) का फोन हमेशा खुला रहता है। दिन सोमवार दोपहर 1 बजे कमान्डेंट ऑफिस में बैठे किसी बात पर चर्चा कर रहे होते हैं,तभी एक फोन आता है।

हेल्लो साहेब ….आपका नम्बर एक लोग देहलन हs,हमके राशन चाही।

कमान्डेंट : जी आपकी पूरी मदद होगी।बताईये क्या नाम है, कितने परिवार हैं,एक परिवार में कितने सदस्य हैं।

जी साहेब हमार नाम धन्नो हव। हम पहड़िया पर सृजन हॉस्पिटल के बगल में रहिला…चार परिवार हव…सबकरे घरे में छः छः लोग हयन, हम लोगन राशन क जरूरत हव।

फिर कमान्डेंट नरेंद्र पाल सिंह फोन कट करते हैं, एस एम अनिल सिंह को निर्देश देते हैं और इंस्पेक्टर कुमार राजीव के नेतृत्व में एक टीम राशन के साथ पहुँच जाती है बताये पते पर।

राशन पाकर धन्नो औऱ अन्य महिलाओं के चेहरे खिल जाते हैं। धन्नो बताती है कि दस साल पहले उसके पति की मृत्यु हो गयी थी। वह घरों में बर्तन मांजने का काम करती है,अभी काम बंद है। राशन खत्म हो गया था घर में तीन छोटी बेटियां हैं। जब वह हर तरफ से निराश हो गयी तो सीआरपीएफ से गुहार लगाई। फिलहाल राशन पाकर धन्नो खुश है। सीआरपीएफ के साहेब को धन्यवाद दे रही है।

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