बोले पूर्व विधायक, पीएम छह सालों में यहां की बुनियादी जरूरत नहीं समझ पाए

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रिपोर्ट- अभिषेक

वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में एक ओर बेरोजगारी और तंगहाली के चलते परिवार के साथ आत्महत्या के शर्मनाक वारदातें हो रही है, तो दूसरी ओर जवानों को रोजगार देने और व्यापारी किसान को घाटे की चिंता छोड़कर बीजेपी सरकार स्मारक और गलियों की सौगात दे रही है।

पूर्व विधायक अजय राय ने कहा कि किसान हित के लिए बने गन्ना संस्थान की जमीन को मंहगे दीनदयाल उपाध्याय स्मारक का रूप देने से बेहतर रहा होता गरीब आदमी के सस्ते भोजन की दीनदयाल कैंटीन या कोई अन्य लोक कल्याणकारी संस्थान उनके नाम बनाते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री वाराणसी के सांसद जरूर है पर इतने दिनों में यहां की बुनियादी जरूरतों की समझ भी नहीं बना सकें है। ऐसी परियोजनाएं बड़े निवेश हुए हैं जिसका लाभ यहां के आम आदमी की जगह निर्माणकर्ता कंपनियों को हो रहा है।

अजय राय ने कहा कि आज किसान सर्वाधिक पीड़ा में हैं। छह साल में खेती की लागत 2 से 3 गुना बढ़ी है और मामूली वृद्धि वाला समर्थन मूल्य भी किसान को पूरा नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि धान क्रय केंद्र एक महीने पहले बंद हो गए हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। रसोई गैस के दाम भाजपा सरकार में दुगने हुए है। वहीं सब्सिडि का भी 100 रुपये घटा दिया गया है, तो सीधे तौर पर 244 रुपये गैस के दामों में वृद्धि हुई है।