ब्यूरो डेस्क। हम सभी चाहते हैं कि हमें किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या का सामना नहीं करना पड़े, ये तभी संभव है जब हमारा खानपान अच्छा और सुपाच्य होगा। साथ ही हमें ये भी मालूम होना चाहिए कि हमारी सेहत के लिए क्या खाना बेहतर है और क्या खाने से सेहत खराब हो सकती है। आज हम आपको खाने -पीने की कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे, जिसको अपनाकर आप अपनी सेहत का ख्याल बहुत ही आसानी से रख सकते हैं। चलिए जानते हैं क्या हैं वो खाने की चीजें –
1.खाने में सेन्धा नमक का ही प्रयोग प्रयोग करें। इससे थायराइड, बी पी, पेट ठीक होगा।
2.कुकर स्टील का ही काम में लें। एल्युमिनियम में मिले लीड से होने वाले नुकसानों से बचेंगे।
3.कोई भी रिफाइंड न खाकर केवल तिल, सरसों, मूंगफली, नारियल के तेल का प्रयोग करें। रिफाइंड में बहुत केमिकल होते हैं जो शरीर में कई तरह की बीमारियां पैदा करते हैं ।
4.सोयाबीन बड़ी को दो घंटे भिगो कर, मसल कर ज़हरीली झाग निकल कर ही प्रयोग करें।
5.देसी गाय के घी का प्रयोग करें, इससे अनेक रोग दूर होंगे, वजन नहीं बढ़ता।
6.ज्यादा से ज्यादा मीठी नीम/कढ़ी पत्ता खाने की चीजों में डालें, सभी का स्वास्थ्य ठीक करेगा।
7.ज्यादा चीजें लोहे की कढ़ाई में ही बनाएं। आयरन की कमी किसी को नहीं होगी।
8.भोजन का समय निश्चित करें, पेट ठीक रहेगा। भोजन के बीच बात न करें, भोजन ज्यादा पोषण देगा।
9.नाश्ते में अंकुरित अन्न शामिल करें। पोषक विटामिन,फाइबर मिलेंगें।
10.सुबह के खाने के साथ देशी गाय के दूध का बना ताजा दही लें, पेट ठीक रहेगा।
11.चीनी कम से कम प्रयोग करें, ज्यादा उम्र में हड्डियां ठीक रहेंगी।
12.चीनी की जगह गुड़ या देशी शक्कर लें।
13.रसोई में घुसते ही नाक में घी या सरसों तेल लगाएं, सर और फेफड़े स्वस्थ रहेंगें।
14.करेले, मैथी, मूली कड़वी सब्जियां भी खाएं , रक्त शुद्ध रहेगा।
15.पानी मटके वाले से ज्यादा ठंडा न पिएं, पाचन व दांत ठीक रहेंगे।
16.प्लास्टिक, एल्युमिनियम रसोई से हटाये, केन्सर कारक हैं।
17.माइक्रोवेव ओवन का प्रयोग केन्सर कारक है।
18.खाने की ठंडी चीजें कम से कम खाएं, पेट और दांत को खराब करती हैं।
19.बाहर का खाना बहुत हानिकारक है, खाने से सम्बंधित ग्रुप से जुड़कर सब घर पर ही बनाएं।
20.तली चीजें छोड़ें, वजन, पेट, एसिडिटी ठीक रहेंगी।
21.मैदा, बेसन, छौले, राजमां, उड़द कम खाएं, गैस की समस्या से बचेंगे।
22.अदरक, अजवायन का प्रयोग बढ़ाएं, गैस और शरीर के दर्द कम होंगे।
23.रात को आधा चम्मच त्रिफला एक कप पानी में डाल कर रखें, सुबह कपड़े से छान कर इस जल से आंखें धोएं, चश्मा उतर जाएगा। छान कर जो पाउडर बचे उसे फिर एक गिलास पानी में डाल कर रख दें। रात को पी जाएं। पेट साफ होगा।24.रात का भिगोया आधा चम्मच कच्चा जीरा सुबह खाली पेट चबा कर वही पानी पिएं, एसिडिटी खत्म।
25.एक्यूप्रेशर वाले पिरामिड प्लेटफार्म पर खड़े होकर खाना बनाने की आदत बना लें तो भी सब बीमारी शरीर से निकल जायेगी।
26.चौथाई चम्मच दालचीनी का कुल उपयोग दिन भर में किसी भी रूप में करने पर निरोगता अवश्य होगी।
27.सर्दी में बाहर जाते समय 2 चुटकी अजवायन मुहं में रखकर निकलिए,सर्दी से नुकसान नहीं होगा।
28.रस निकले नीबू के चौथाई टुकड़े में जरा सी हल्दी, नमक, फिटकरी रख कर दांत मलने से दांतों का कोई भी रोग नहीं रहेगा।
29.कभी-कभी नमक-हल्दी में 2 बूंद सरसों का तेल डाल कर दांतों को उंगली से साफ करें, दांतों का कोई रोग टिक नहीं सकता।
30.बुखार में 1 लीटर पानी उबाल कर 250 ml कर लें, साधारण ताप पर आ जाने पर रोगी को थोड़ा थोड़ा दें, दवा का काम करेगा।
