BHU में पहला बोन मैरो ट्रांसप्लांट हुआ सफल

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वाराणसी। ब्लड कैंसर से जूझ रहे लोगों को बड़े शहरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि वाराणसी के बीएचयू अस्पताल में अब इस बीमारी का इलाज संभव हो सकेगा। ट्रामा सेंटर में बोन मैरो ट्रांसप्लांट एंड स्टेम सेल रिसर्च सेंटर के ट्रायल रन के तहत चिकित्सकों की टीम ने पहले बोन मैरो प्रत्यारोपण करने में सफलता हासिल की है।

बता दें कि अब पूर्वांचल के साथ ही बिहार के लोग जो ब्लड कैंसर से पीड़ित हैं उनको बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए बड़े शहरों की तरफ भागना नहीं होगा बल्कि अब वो यहीं पर आसानी सेबोन मैरो ट्रांसप्लांट करा सकेंगे। इसी कड़ी में बीएचयू अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने पहले बोन मैरो प्रत्यारोपण में सफलता पाई है।

वहीं चिकित्सकों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि जिस महिला मरीज का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया है वो पूर्वांचल की रहने वाली है, वो अभी पूरी तरह स्वस्थ्य है। जल्द ही उसे छुट्टी दे दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सफल प्रत्यारोपण के बाद अब ये सभी के लिए होगा। वर्तमान में बोन मैरो प्रत्यारोपण का खर्च 15-20 लाख रुपये है। वहीं टाटा मेमोरियल में 12 से 15 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। बीएचयू अस्पताल में पहले बोन मैरो प्रत्यारोपण में लगभग पांच लाख रुपये खर्च हुए, जो बाकी जगहों के मुकाबले आधे से भी कम है। बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए बकायदे एक टीम बनाई गयी है, जिसमें मेडिसिन के डा. केके गुप्ता, डा. जया चक्रवर्ती, पीडियाट्रिक की डा. विनीता गुप्ता, माइक्रोबायोलाजी की डा.शंपा अनुपूर्वा आदि हैं।