VARANASI : चायनीज मांझे का छात्रों ने किया विरोध, ली शपथ 

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वाराणसी। आगामी 14 जनवरी मकर संक्रांति पर पतंग उड़ाने के पर्व को देखते हुए लोगों में पतंग उड़ाने को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। पतंग के दुकानों पर लोगों की भीड़ जुटती दिखाई दे रही है, वहीं बैन होने के बावजूद भी चायनीज मांझा धड़ल्ले से दुकानों पर बिका रहा है। चायनीज मांझा की बिक्री रोकने और लोगों की इसकी खरीदारी नहीं करने को लेकर सामाजिक संस्था सुबह-ए-बनारस क्लब के बैनर तले छात्रों को शपथ दिलाई गयी कि वो चायनीज मांझे की खरीदारी नहीं करेंगे और ना किसी और को करने देंगे। 

लोगों से अपील की गयी कि वो मकर संक्रांति पर्व पर पतंग उड़ाने के लिए  देसी मंझे का इस्तेमाल करें और जानलेवा चाइनीज मांझा का पूरी तरह से बहिष्कार करें। जिससे पशु पक्षियों के साथ साथ आम लोगों को अकारण घायल वह मौत होने की संभावना से बचाया जा सके। ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले दौलतपुर निवासी अभिषेक तिवारी का सिगरा क्षेत्र में चाइनीज मंझे की चपेट में आने की वजह से गला और पैर की उंगलियां कट गई थी। साथ ही साथ चोलापुर निवासी राहुल का चाइनीज मंझे के चपेट में आने की वजह से पैर बुरी तरह से कट गया था। ऐसे कई घटनाएं नित्य प्रतिदिन घटती रहती है। संस्था द्वारा प्रशासन से यह मांग किया जाता है, कि वह तत्काल कार्रवाई करते हुए चाइनीज मंझे के बिक्री पर रोक लगाएं।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुकेश जायसवाल, डॉ० रितु गर्ग, डॉ० महेश तिवारी, महासचिव, राजन सोनी  कोषाध्यक्ष, नंदकुमार टोपी वाले, उपाध्यक्ष, अनिल केसरी, उपाध्यक्ष, चंद शेखर चौधरी, सचिव डॉ मनोज यादव, सहित कई छात्र शामिल रहे।