वाराणसी

बर्ड फ्लू को लेकर डीएम ने की बैठक, अधिकारियों को दिया यह निर्देश

वाराणसी। बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा इसको लेकर सोमवार को राइफल क्लब सभागार में बर्ड फ्लू से सम्बंधित बैठक करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी वेटरिनरी आफिसर्स को फील्ड में भेज कर सैम्पलिंग की कार्रवाई तेजी से करायी जाए।

कुछ राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टी हुई है, वहीं अन्य राज्यों में इसके लिए अलर्ट जारी कर दिया गया है। जिसको देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा एक बैठक की गई है। इस दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि सभी थानों पर सम्बंधित पशु चिकित्सा अधिकारियों का मोबाइल नंबर दर्ज किया जाए। इसके साथ ही सभी बीडीओ को ग्रामीण क्षेत्रों में सभी ग्राम सचिवों को मुर्गा व मीट बेचने वाले दुकानदारों के साथ कल तक बैठक कर उनको जागरुक करने, साफ सफाई रखने और किसी प्रकार के पशु पक्षी के सामुहिक मृत्यु की सूचना तत्काल सम्बंधित थाने एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को देने का निर्देश दिया।

उन्होंने नगर निगम के सभी 400 मुर्गे और 250 मीट की दुकानों का सत्यापन कराये जाने का निर्देश भी दिया गया और नहरों, तालाबों आदि स्थानों पर प्रवासी पक्षियों पर भी सतर्क निगाह रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिया। जन सामान्य में भी जागरूकता फैलाने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया गया और सुरक्षात्मक उपायों को अपनाये जाने पर जोर देने की बात कहीं गयी। इसके साथ ही शहरी क्षेत्र में भी मीट मर्गे के दुकानदारों को सतर्क रहने और साफ सफाई रखने के साथ-साथ सुरक्षा के मानक अपनायें जाने का निर्देश भी दिया गया। डीएफओ ने भी बताया कि चिड़िया घर की 24 घंटे निगरानी करने के लिए कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने गंगा नदी में प्रवासी पक्षियों को दाना आदि खिलायें जाने पर रोक भी लगाया हैं। जल पुलिस व नगर निगम के कर्मचारियों को इसका अनुपालन कराने का निर्देश देते हुए सीवीओ को कहा कि सड़क दुर्घटना आदि में घायल पशुओं को तुरंत नजदीकी गोशाला में पहुचाये। मृत पशुओं को गोशाला से तत्काल हटवाने तथा सभी गौशालाओं की जांच भी कराया जाए और गायों की बीमारियों की जांच भी कराया जाये। उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक के आसपास के गांवों के सभी आवारा पशुओं को शत प्रतिशत गोशाला में कल तक पहुंचाया जाए। बैठक में गावों पर भी विशेष ध्यान दिया गया जिसमें यह निर्देश दिया गया कि सभी एसडीएम को कल तक गांवों को तीन श्रेणियों A,B तथा C में बांट कर सूची उपलब्ध कराया जाये और पंचायत चुनाव के दृष्टिगत A व B श्रेणी के गांवों की संवेदनशीलता को कम करने की कार्यवाही किया जाए। जिसमें A श्रेणी में अति संवेदनशील गांव B श्रेणी में संवेदनशील तथा C श्रेणी में सामान्य गांवों को रखने की बात कही गयी।

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