DIWALI SPECIAL: जाने क्या है पूजा का मुहूर्त और विधि  

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ब्यूरो रिपोर्ट। दीपावली कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन हर्षोल्लास के साथ पूरे देश में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन समुद्र मंथन से लक्ष्मी जी का अवतरण हुआ था, इसके आलावा ऐसी मान्यता है कि इस रात देवी लक्ष्मी अपने पूरे ऐश्वर्य के साथ धरती पर घूमने के लिए निकलती हैं  जिसके फलस्वरूप इनको प्रसन्न करने के लिए पूजा-अर्चना की जाती है ताकि पूरे साल लक्ष्मी जी की कृपा बनी रहे। इस बार यह पर्व रविवार 27 अक्टूबर को मनाया जाएगा।  चलिए जानते हैं की वो कौनसा शुभ मुहर्त है जिसमें पूजा करने से सुख समृद्धि वैभव में वृद्धि होगी। चलिए आपको पूजा करने की सही विधि के बारे में बताते हैं।

लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त

शाम के समय स्नान कर नए परिधान को धारण करना चाहिए। तत्पश्चात लकड़ी या धातु की चौकी या सिंहासन पर लाल रंग का नया वस्त्र बिछाकर उस पर श्री लक्ष्मी और श्री गणेश जी की मूर्ति रखनी चाहिए। लक्ष्मी जी को श्री गणेश जी के दाहिनी ओर बिठाना चाहिए। लक्ष्मी गणेश जी की मूर्तियों के सामने चावल केढेर के ऊपर कलश में जल भरकर अक्षत पुष्प दूर्वा सुपारी रत्न व चांदी का सिक्का रखना चाहिए। कलश पर सिंदूर या रोली से स्वास्तिक बनाना चाहिए कलश के ऊपर चावल से भरा हुआ पात्र रखकर उसके ऊपर जलदार नारियल को लाल वस्त्र में लपेट कर रखना चाहिए। लाल वस्त्र लपेटे हुए नारियल के ऊपर रक्षा सूत्र 5,7 ,9 या 11 बार लपेट कर रखना चाहिए। इसके बाद धूप दीप प्रज्वलित करके पूरे विधि विधान से पूजा करना चाहिए।

ये पूजा घर के मुखिया को ही करनी चाहिए। परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर पूजा में भाग लेना चाहिए। उनकी स्तुति श्री लक्ष्मी जी से संबंधित लक्ष्मी चालीसा का पाठ करना चाहिए और साथ ही ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः या ओम श्री नमः मंत्र का जाप 1,5,7,9 बार करनी चाहिए अंत में लक्ष्मी जी की आरती कर को समाप्त करनी चाहिए। दीपावली की पूजा रीति रिवाज और परंपरा के अनुसार करने से जीवन में सुख समृद्धि बानी रहती है साथ ही घर में धन धन्य और बरकत होती है।