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कोरोना अपडेट: तो साहब लॉकडाऊन ने सब कुछ चौपट कर दिया, नहीं लिया गया होता यह फैसला तो क्या होता, पढ़े यह रिपोर्ट

ब्यूरो रिपोर्ट। आज पूरा देश लॉक डाउन जैसे महादंश को झेल रहा है | वहीं भारत में लाक डाउन का चौथा दौर चालू हो गया है | कुल मिलाकर देश में लॉक डाउन का आज 57 वां दिन है | इस बीच संक्रमितो के संख्या पर नजर डाले तो लगभग यह संख्या भी एक लाख के पार पहुंच चुकी है | जी हां अब तक 1,06,750 लोग संक्रमित हो चुके हैं  पर सोचिये अगर सरकार समय रहते लॉक डाउन लगाने का फैसला नहीं लेती तो आज कोरोना का भयावह रूप इससे कहीं और इतर ही होता। वो तो शुक्र है कि देश में समय रहते लॉक डाउन जैसे सही फैसले को ले लिया गया,जिससे की कोरोना से संकमितों की संख्या अन्य देशो के मुकाबले नियंत्रण में हैं लेकिन वहीं लॉक डाउन की वजह से एक ओर जहां मजदूरों, असहायों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा तो वहीं दूसरी ओर देश की अर्थव्यवस्था के खराब होते स्थिति पर भी लोगों ने उंगलियां उठाई। लेकिन अगर ये लॉक डाउन नहीं होता तो भारत का हाल क्या हो सकता था इसका शायद आप भी अंदाजा नहीं लगा सकते। पढ़िए ये रिपोर्ट –

 25 मार्च यानि जिस दिन लॉक डाउन की शुरुवात की गयी | अगर ऐसा नहीं किया गया होता तो देश में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या में काफी तेजी से वृद्धि देखने को मिलती , ऐसा हम नहीं बल्कि यह आंकड़े कह रहे हैं –

लॉक डाउन से ठीक पहले संक्रमण के मामले हर 4 दिनों में दोगुने हो रहे थे | 21 मार्च को देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 334 थी , जो महज चार दिनों बाद यानी 25 मार्च को दोगुनी होकर 657 पर पहुंच गई | अगर इसी आंकड़े पर चले तो यानी 4 दिनों में मामले दोगुने होने के आधार पर 25 मार्च से 18 मई तक का कैलकुलेशन करते हैं तो हैरान कर देने वाले आंकड़े सामने आते हैं | ऐसे में अगर सही समय पर लॉक डाउन  नहीं लगता और  कोरोना के बढ़ने की रफ्तार पहले जैसी यानि शुरुवाती दिनों जैसी होती तो 16 मई तक देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगभग 53 लाख 82 हजार से ज्यादा पहुंच सकती थी |

मतलब सीधा और साफ़ हैं कि जितनी कोरोना संक्रमितों की संख्या पूरी दुनिया को मिलाकर नहीं हैं उससे भी 12% ज्यादा मामले भारत में अकेले हो सकते थे | लेकिन लगभग सभी देशो में लॉक डाउन के कारण यह आकड़ा 4910455 तक ही पहुंच पाया हैं , अन्यथा इससे भी भयावह हो सकती थी ,लेकिन इसमें कोई शक नहीं हैं कि लॉक डाउन के बाद कोरोना संक्रमण के लगातार बढ़ते रफ़्तार में काफी हद तक कमी आई हैं | जी हां जब से लॉक  डाउन लगा उसके बाद के पहले ही हफ्ते में संक्रमितों के डबलिंग रेट जो  4 से बढ़कर 5.5 दिन हो गया | 25 मार्च तक संक्रमितों की संख्या 657 थी जो 30 मार्च को बढ़कर 1326 हुई |लॉक डाउन के तीसरे हफ्ते डबलिंग रेट 6 दिन का हो गया | इसके बाद इसमें लगातार सुधार हुआ | जिसका नतीजा यह हुआ की अभी इसकी डबलिंग रेट 13 दिन की हो गयी , मतलब अब हर 13 दिनों में संक्रमितों की संख्या दोगुनी हो रही है

25 मार्च से 14 अप्रैल यानी 21 दिनों के लॉक डाउन में संक्रमण के 10914 नए मामले आए | जिसके बादलॉक डाउन के दूसरे फेज में केंद्र सरकार ने लोगों को कई छूट भी दे डाली | जिससे लोगों के घरों से निकलते ही इसकी रफ्तार तेज हो गई | देखते ही देखते इन 18 दिनों के लॉक डाउन में 31293 नए मामले आए | तब तक सरकार ने लॉक डाउन 0.3 में थोड़ी छूट दे दी जिसके कारण कोरोना संक्रमितों की संख्या में और भी बढ़ोत्तरी देखने को मिली ,जिसके बाद लॉक डाउन 0.3 के 14 दिन में संक्रमण के 53359 हजार नए मामले सामने आए |

तो वही संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राहत की बात है कि अब तक देश में 39233 मरीजों को अब तक ठीक किया जा चुका है | कोरोना मरीजो के ठीक होने की रफ़्तार पहले से काफी ज्यादा बढ़ रहीं हैं | लॉक  डाउन से पहले यानी 24 मार्च तक देश में संक्रमितों की कुल संख्या 578 थी , इसमें 40 लोग हुए थे |लॉक डाउन लगने के बाद 14 अप्रैल तक संक्रमितों की संख्या 11485 हो गई , जिसमें 1365 मरीज ठीक हो चुके थे |लाक डाउन के दूसरे फेज यानी 3 मई तक देश में 42778 लोग संक्रमित हो चुके थे | जबकि इनमें 11763 लोग बेहतर इलाज के बाद ठीक हो गये थे | लॉक  डाउन के तीसरे फेज यानी 17 मई तक देश में 98137 संक्रमित हुए जबकि इनमें 35091 लोग ठीक हो गए और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई |

देश में संक्रमण के चलते अब तक 3170 लोग अपनी जान गवां चुके हैं | यकीनन मौतों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है ,देखा जाये तो लॉक डाउन के पहले ही इसकी शुरुआत हो गई थी | बता दे कि 11 मार्च को देश में पहली मौत कर्नाटक में हुई  थी | इसके बाद 24 मार्च तक 10 लोगों की जान चली गई | इसके बाद 21 दिनों के लॉक डाउन के पहले फेज यानि 14 अप्रैल तक 396 लोगों की मौत हुई | 18 दिनों के लॉक  डाउन के दूसरे फेज में 3 मई तक यह आंकड़ा एक हजार पार करके 1463 तक पहुंच गया | अब 14 दिनों के लॉक डाउन के तीसरे फेज में मौतों की संख्या बढ़कर 3039 हो गई है | वहीं राहत की बात यह है कि भारत में मौतों का ग्राफ अन्य देशों के मुकाबले काफी कम है | यहाँ 3.3 %  डेथ रेट है , जबकि अमेरिका , स्पेन , इटली , फ्रांस जैसे देशों में यह आंकड़ा कहीं ज्यादा है | वहीं भारत में मरने वालों में 70% ऐसे मरीज थे जिन्हें कोरोना के अलावा अन्य गंभीर बीमारियां भी थी |

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