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कोरोना अपडेट: जान ले जनता यह बात, क्या क्या होता है कोरोना वारियर्स के साथ

वाराणसी। यूं ही नहीं बन जाता कोई कोरोना वारियर्स, दांव पर होता है सांसों का कैरियर। कोरोना यानी कोविड 19 वायरस का प्रसार देश में तेजी से बढ़ा है। इसको ख़त्म करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन डॉक्टर सफाईकर्मी सभी अपने तरीक़े से अपना फर्ज निभा रहे हैं। उन्हीं में से एक कोरोना योद्धा लोगों को कोरोना से बचाने के लिए रोज फ्रंट लाईन पर कोरोना से फाईट करता है। एक दम आमने सामने जरा सी चूक हुई तो कोरोना योद्धा की सांसों पर कोरोना का कब्जा हो जाएगा। ऐसे ही एक कोरोना योद्धा हैं सुनील कुमार यादव जो प्रतिदिन कोरोना से मुठभेड़ करने जाते हैं और शाम को जब वे घर लौटते हैं तो शरीर निचुड़ चुका होता है।

पड़ोसी जनपद मऊ के रहने वाले सुनील यादव की वर्तमान तैनाती सेवापुरी सरकारी स्वास्थ केंद्र पर है। वह प्रतिदिन पीपीई किट पहनकर शहर के चिन्हित हॉटस्पॉट इलाकों में टीम के साथ जाते हैं। और कोरोना संदिग्धों की जांच करते हैं। इस दौरान संदिग्ध व्यक्ति के मुंह में स्टिक डाल कर टॉन्सिल के पास से सेम्पल लेते हैं। सुनील बताते हैं कि इस दौरान संदिग्ध का जी मितला जाता है, कभी कभी तो वह वोमेटिंग तक कर देता है फिर भी वह बिना विचलित हुए नाक में स्टिक डालकर वहां से सेम्पल लेते हैं। इस दौरान अक्सर लोग छींक देते हैं। जिससे हमारे लिए भी रिस्क हो जाता है। मगर हम अपने कर्तव्य पथ पर बने रहते हैं।

सुनील बताते हैं कि 35 से 40 डिग्री के तापमान में पीपीई किट पहनने के बाद गर्मी से हाल बेहाल हो जाता है। पहने गए कपड़े पसीने से तर बतर हो जाते हैं। पीपीई किट पहन लेने के बाद न पानी पी सकते हैं न टॉयलेट जा सकते हैं। उसी हाल में घण्टों गुजराना होता है। कभी कभी तो घुटन होने लगती है। मगर कोरोना को हराने के लिए यह सब हमारी सामान्य दिनचर्या बन गयी है और हम अंतिम सांस तक वतन औऱ समाज के लिए अपना फर्ज निभाएंगे। सुनील अक्सर अपनी कार को ही आराम करने, सोने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ताकि दूसरे लोग भी सुरक्षित रहें।

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