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टीवी सीरियल का बच्चों पर पड़ रहा दुष्प्रभाव, बच्ची ने लगायी खुद को आग

वाराणसी। टीवी की दुनिया आज के आधुनिक समाज में भी अंधविश्वास का जहर घोल रही है। इसका उदाहरण देखने को तब मिला जब एक कक्षा तीन की छात्रा ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। आनन-फानन में छात्रा को वाराणसी रेफर किया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है।

कबीरचौरा मण्डली अस्पताल आने के बाद घटना पर से पर्दा उठने लगा तो लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा ली। हॉस्पिटल के बेड पर बैठी इस मासूम की उम्र मात्र 9 साल है।जानकारी के अनुसार बच्ची रोज शाम को एक सीरियल देखती थी। उस सीरियल में एक बच्चा खुद को तंत्र-मंत्र में आग लगा लेता है और उसके बाद बच जाता है। जो बच्ची के दिमाग में घर कर गया उसके बाद बच्ची ने सोचा की मैं भी ऐसा करूंगी तो पढ़ने में तेज हो जाउंगी। मासूम ने खुद को स्कूल के बाथरूम में बंद कर के आग लगा ली, जिसको आनन-फानन में दरवाजा तोड़कर बचाया गया।

मनोचिकित्सकों का कहना है कि आज के समाज में मोबाइल और टीवी बच्चों पर अच्छा-खासा असर डाल रहे हैं। बच्चे जो टीवी और मोबाइल में देखते है उसे सच मान लेते हैं। वही दोहराने लगते हैं। इसमें अभिभावकों को विशेष ध्यान देना पड़ता है क्योंकि आज के समय में अभिभावक बच्चों को खुद मोबाइल थमा देते हैं, लेकिन ध्यान नहीं देते जबकि यही लापरवाही आगे चल के खतरनाक बनती है।

इस घटना से ये बात तो साफ है कि अभिभावकों द्वारा बच्चों को मोबाइल देना या उन्हें व्यस्त करने के लिए टीवी को माध्यम बनाना बच्चों पर बुरा असर भी डाल रहा है। ऐसे में ये ध्यान देने वाली बात है कि आपके बच्चे उस मोबाइल और टीवी के जरिये क्या सीख रहे है। कहीं ऐसा ना हो कि भदोही के इस मासूम की तरह आपका बच्चा भी किसी टीवी सीरियल के माध्यम से तंत्र मंत्र के जाल में फंसकर शिकार हो जाए।

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