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सूर्य को अर्घ्य देते समय रखें इन बातों का खास ख्याल

ब्यूरो डेस्क। छठ को मन्नतों का पर्व भी कहा जाता है। इस व्रत में शारीरिक और मानसिक रूप से शुद्धता का विशेष ख्याल रखा जाता है। छठ का पहला अर्घ्य षष्ठी तिथि को दिया जाता है। ये अर्घ्य डूबते सूरज को दिया जाएगा। इस समय जल में दूध डालकर सूर्य की अंतिम किरण को अर्घ्य दिया जाता है।

अर्घ्य देने के नियम
अर्घ्य देने के लिए जल में जरा सा दूध मिलाया जाता है, बहुत सारा दूध व्यर्थ न करें। टोकरी में फल और ठेकुवा आदि सजाकर सूर्य देव की उपासना करें। उपासना और अर्घ्य के बाद आपकी जो भी मनोकामना है, उसे पूरी करने की प्रार्थना करें। प्रयास करें कि सूर्य को जब अर्घ्य दे रहे हों, सूर्य का रंग लाल हो। इस समय अगर अर्घ्य न दे सकें तो दर्शन करके प्रार्थना करने से भी लाभ होगा।

इन लोगों को अस्ताचलगामी सूर्य को जरूर देना चाहिए अर्घ्य
जो लोग बिना कारण मुकदमे में फंस गए हो उनके अर्घ्य  देने से समस्यां जल्द ही दूर हो जाएंगी, जिन लोगों का कोई काम सरकारी विभाग में अटका हो वो दें। जिनके आंखों की रौशनी घट रही है उनके अर्घ्य  देने से इसमें लाभ होता है। पेट की समस्या से परेशान चल रहे लोग को अर्घ्य देना चाहिए। जो विद्यार्थी बार बार परीक्षा में असफल हो रहे हो उनके अर्घ्य देने से सफलता प्राप्त होगी।

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