वाराणसी। एक तरफ जहां प्रशासन कोरोना के इलाज व्यवस्था को लेकर दावे करता दिखाई दे रहा है तो वहीं दूसरी तरफ जनपद के एक अस्पताल का बहुत ही अमानवीय चेहरा सामने आया है। आप इस बात से ही अंदाजा लगा लीजिये कि शहर में चिकित्‍सा सेवा की बदहाली का आलम यह है कि अस्‍पताल मेेंं एक वृद्ध की मौत होनेे केे बाद अस्पताल प्रशासन एम्बुलेंस देने से मना कर दिया। जैसे ही ये खबर जिला प्रशासन को मिली तुरंत ही वहां हड़कंप मच गया। जिसके बाद डीएम कौशल राज शर्मा ने अस्पताल के प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्‍पष्‍टीकरण मांगा है।

बता दें कि मंडलीय अस्पताल में  इलाज के लिए आयी महिला को पहले तो ठीक से ट्रीटमेंट नहीं मिलता है।  डॉक्टर भी पहले तो इलाज से मना  करीब दो घंटे देते हैं और काफी मशक्कत के बाद इलाज शुरू तो होता है, लेकिन दो इंजेक्शन लगाने के बाद कोई डाक्टर मरीज को देखने नहीं जाता है और इस बीच महिला की मौत हो जाती है।

वहीं जब परिजन डेड बॉडी को ले जाने के लिए एम्बुलेंस मांगते हैं तो उनको एम्बुलेंस तक नहीं दिया जाता है। मजबूरीवश युवक स्ट्रेचर पर ही शव रखकर पैदल ही घर के लिए निकल जाता है और इस वाक्ये का वीडियो बनाकर कोई सोशल मीडिया पर डाल देता है। जिसके बाद इस मामले पर संज्ञान लेते हुए डीएम कौशल राज शर्मा ने अस्पताल प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जांच का आदेश भी जारी किया है, वहीं उन्होंने कहा है कि गलती पाई जाती है तो उस पर कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद एम्बुलेंस नहीं मिलने का मामला, डीएम के तेवर सख्त
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